दिल्ली। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले स्थित प्रसिद्ध तारापीठ मंदिर में सावन सोमवार के दिन बड़ा हादसा हो गया। यहां एक होटल में आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में श्रद्धालु सावन सोमवार के अवसर पर मां तारा के दर्शन के लिए तारापीठ पहुंचे थे। इनमें से कई श्रद्धालु बिदिशिनी होटल में ठहरे हुए थे।
सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे होटल की पहली मंजिल पर अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण एसी में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही होटल में धुआं तेजी से फैलने लगा। अधिकांश लोग उस समय गहरी नींद में थे, जिसके कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। बताया जा रहा है कि होटल का पिछला दरवाजा बंद था, जिससे कई लोग अंदर ही फंस गए।
हादसे में घायल लोगों को तत्काल रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हादसे में बची एक महिला ने बताया कि कुछ ही मिनटों में पूरा होटल धुएं से भर गया था। लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी और बाहर निकलने का रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था।
विशेषज्ञों के अनुसार, एसी की वायरिंग में खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग सकती है। ऐसे मामलों में नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है।
