मानसून का कहर: जम्मू-कश्मीर में फ्लैश फ्लड से 4 की मौत, 250 गाड़ियां बहीं; 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली। देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिले में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। राजौरी के बेला इलाके में धारहाल नदी उफान पर आने से न्यू बस स्टैंड जलमग्न हो गया और तेज बहाव में करीब 200 से 250 वाहन बह गए।

मौसम विभाग ने रविवार को उत्तराखंड, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत 14 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हुआ है। सुरक्षा कारणों से घोड़े-खच्चरों की सेवा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। वहीं पिथौरागढ़ में गरबाधार के पास लैंडस्लाइड के कारण कैलाश-मानसरोवर यात्रा का चौथा जत्था धारचूला बेस कैंप में रोक दिया गया है।

अरुणाचल प्रदेश में भी बाढ़ और भूस्खलन का असर जारी है। अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब डेढ़ लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के 26 जिले, 328 सर्कल और 576 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

उत्तर प्रदेश में गंगा और सरयू नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई घाट जलमग्न हो गए हैं। बिहार के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के 15 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।

गुजरात के सूरत में रातभर हुई बारिश से कई निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया।

मौसम विभाग के अनुसार 20 और 21 जुलाई को भी उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र और पूर्वी राजस्थान में भी अगले दो दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।