रणजी मैच में क्यों अंपायरिंग कर रहे ऑस्ट्रेलियाई अंपायर, कब तक भारत में रहेंगे, कितने मैच का है कॉन्ट्रैक्ट?

नई दिल्ली।

रणजी ट्रॉफी 2026 के दौरान ऑस्ट्रेलियाई अंपायर मैदान में अंपायरिंग करते नजर आ रहे हैं। आमतौर पर भारत के घरेलू टूर्नामेंट में भारतीय अंपायर ही मौजूद रहते हैं, लेकिन इस बार रणजी ट्रॉफी के लिए बीसीसीआई ने खास व्यवस्था की है। इसके जहत 2 मुकाबलों के लिए ऑस्ट्रेलियाई अंपायर भारत आए हैं। बीसीसीआई और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अंपायरों के आदान-प्रदान का कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोर भारत में रणजी ट्रॉफी के 2 मैचों में अंपायरिंग करेंगे। वहीं, भारतीय अंपायर पराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया जाकर वहां के घरेलू क्रिकेट मुकाबलों में अंपायरिंग करेंगे।इस कार्यक्रम का मकसद दोनों देशों के अंपायरों को अलग-अलग परिस्थितियों और क्रिकेट व्यवस्था में काम करने का अनुभव देना है। इससे अंपायरिंग के स्तर को बेहतर बनाने और दोनों क्रिकेट बोर्डों के बीच पेशेवर सहयोग बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

कौन हैं ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोर?

बेन ट्रेलोर ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी अंपायर हैं। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट, लिस्ट ए क्रिकेट और बिग बैश लीग जैसे टूर्नामेंट में अंपायरिंग कर चुके हैं। उनके पास 30 फर्स्ट क्लास मैचों, 20 लिस्ट ए मुकाबलों और बिग बैश लीग के 39 मैचों में अंपायरिंग का अनुभव है। इसके अलावा, वह दो महिला वनडे इंटरनेशनल और चार महिला टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में भी अंपायर की भूमिका निभा चुके हैं।

4 बार सम्मानित हो चुके हैं ट्रेलोर

ट्रेलोर क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स में अंपायर एजुकेशन ऑफिसर के तौर पर भी काम करते हैं। इस भूमिका में वह नए अंपायरों को प्रशिक्षण देने और उनके कौशल को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। अंपायरिंग शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट अंपायर्स एंड स्कोरर्स एसोसिएशन की ओर से 4 बार जॉर्ज बोरविक मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

रणजी ट्रॉफी में किन मैचों में अंपायरिंग करेंगे?

बेन ट्रेलोर का भारत में सबसे पहले दिल्ली और गुजरात के बीच रणजी ट्रॉफी मुकाबले में अंपायरिंग कर रहे हैं। यह मैच 18 से 21 अक्टूबर तक दिल्ली में खेला जा रहा है। इसके बाद वह मुंबई और हरियाणा के बीच 26 से 29 अक्टूबर तक मुंबई में होने वाले रणजी ट्रॉफी मैच में अंपायरिंग करेंगे। ट्रेलोर को भारत में अलग-अलग मैदानों और परिस्थितियों में प्रथम श्रेणी क्रिकेट का अनुभव मिलेगा। रणजी ट्रॉफी भारत का प्रमुख घरेलू रेड-बॉल टूर्नामेंट है, जिसमें अलग-अलग राज्यों की टीमें हिस्सा लेती हैं। यहां की पिचों, मौसम और मैच की परिस्थितियों में विविधता होती है, जिससे विदेशी अंपायर को भारतीय क्रिकेट के माहौल को समझने का अवसर मिलता है।

कौन हैं भारतीय अंपायर पराशर जोशी?

इस एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भारतीय अंपायर पराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया जाएंगे। वह वहां दो शेफील्ड शील्ड मैचों और एक वनडे कप मुकाबले में अंपायरिंग करेंगे। जोशी घरेलू क्रिकेट में काफी अनुभव रखते हैं। वह रणजी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी के 19 फर्स्ट क्लास मैचों, विजय हजारे ट्रॉफी और देवधर ट्रॉफी के 32 लिस्ट ए मुकाबलों तथा 40 टी20 मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं। उनके अनुभव में इंडियन प्रीमियर लीग और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट भी शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया में वह 11 से 14 नवंबर तक ब्रिस्बेन में क्वींसलैंड और तस्मानिया के बीच शेफील्ड शील्ड मैच में अंपायरिंग करते दिखेंगे। इसके बाद वह 16 नवंबर को इसी मैदान पर वनडे कप के मुकाबले में अंपायरिंग करेंगे। उनका तीसरा मैच 22 से 25 नवंबर तक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड के बीच शेफील्ड शील्ड मुकाबला होगा।

क्या है अंपायर एक्सचेंज प्रोग्राम?

अंपायर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत दो क्रिकेट बोर्ड अपने अंपायरों को एक-दूसरे के देश में घरेलू प्रतियोगिताओं में अंपायरिंग का अवसर देते हैं। इसका उद्देश्य अंपायरों को अलग-अलग क्रिकेट संस्कृतियों, नियमों के व्यावहारिक इस्तेमाल और मैच संचालन की परिस्थितियों से परिचित कराना है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह कार्यक्रम दोनों देशों के अधिकारियों को एक-दूसरे के घरेलू क्रिकेट ढांचे को करीब से समझने का मौका देगा। भारत में जहां रणजी ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में अलग-अलग तरह की पिचें और परिस्थितियां मिलती हैं, वहीं ऑस्ट्रेलिया में शेफील्ड शील्ड के मुकाबले उछाल और सीम मूवमेंट वाली पिचों पर खेले जाते हैं। ऐसे अनुभव से अंपायरों को अपने फैसले लेने की प्रक्रिया, खिलाड़ियों के साथ संवाद और मैच प्रबंधन के तरीकों को बेहतर समझने में मदद मिल सकती है।