MP-राजस्थान में आज से फिर तेज बारिश: UP की 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, हिमाचल में 27 दिन में 15 मौतें

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन सिस्टम के कारण देश के कई हिस्सों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में सोमवार से बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश में 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से 27 दिनों में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 135 सड़कें अभी भी बंद हैं।

MP में 30 जुलाई तक भारी बारिश

मध्य प्रदेश में 27 से 30 जुलाई तक तेज बारिश की संभावना है। सोमवार को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। प्रदेश में अब तक 13.2 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 15.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक करीब 15% कम बारिश हुई है।

राजस्थान के 10 जिलों में यलो अलर्ट

राजस्थान में भी मानसून फिर सक्रिय होने जा रहा है। भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के 10 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 29 और 30 जुलाई को कोटा और उदयपुर संभाग में भारी बारिश हो सकती है। बारिश कमजोर पड़ने के कारण पिछले दिनों कई शहरों में तापमान 4 डिग्री तक बढ़ा था।

UP में 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट है। 16 जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। घाघरा, शारदा समेत 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। सीतापुर, पीलीभीत, लखीमपुर और बहराइच में बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ रिहायशी इलाकों तक पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं।

हिमाचल में 135 सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में 30 जून से 26 जुलाई के बीच बारिश से 15 लोगों की मौत हुई है। कुल्लू, शिमला और मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। राज्य में 135 सड़कें बंद हैं। 28 से 31 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है और फ्लैश फ्लड व लैंडस्लाइड की चेतावनी दी गई है।

वहीं गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में सेना ने पिछले तीन दिनों में बाढ़ प्रभावित इलाकों से 790 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है। पंजाब-चंडीगढ़ में भी 27 से 30 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।