10 मांगों को लेकर तूता धरना स्थल पर प्रदर्शन; धमतरी से खैरागढ़ तक के किसान पहुंचे, चूना पत्थर खदानों का भी विरोध
रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों ने मंगलवार को अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर रायपुर के तूता धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। मंत्रालय का घेराव करने निकले सैकड़ों किसानों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद किसानों ने संबंधित अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद किसान वापस लौट गए।
किसानों की प्रमुख मांगों में वर्ष 2022-23 की धान खरीदी का बकाया 1700 करोड़ रुपए तत्काल देना, धान का समर्थन मूल्य बढ़ाना, बोनस और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करना शामिल है। किसानों ने रासायनिक खाद के विकल्प के तौर पर गौवर्धन खाद को बढ़ावा देने और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़ी समस्याएं दूर करने की भी मांग की।
घोषणा के बाद भी पूरा भुगतान नहीं मिलने का आरोप
भारतीय किसान संघ के धमतरी जिला अध्यक्ष लालाराम चंद्राकर ने कहा कि सरकार की घोषणा के बावजूद किसानों को पूरा भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से बढ़ाए गए समर्थन मूल्य का लाभ भी किसानों को देने की मांग की।
कुरुद से पहुंचे किसान राज कुमार सिन्हा ने कहा कि अधिकारी मौके पर नहीं आए, जिसके बाद किसानों को प्रदर्शन करने से रोका गया। उनका कहना था कि किसानों को अपनी मांगें रखने का अवसर मिलना चाहिए और समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाना चाहिए।
चूना पत्थर खदानों और नहर तोड़ने का विरोध
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से पहुंचीं महिला किसान लुकेश्वरी जंघेल ने बताया कि वे 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुई हैं। उनके क्षेत्र में चूना पत्थर की खदान के खिलाफ भी विरोध किया जा रहा है।
प्रदर्शन में किसानों ने धान खरीदी के दौरान टोकन संबंधी परेशानियों और मवेशियों की व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। एक महिला किसान ने सड़क निर्माण के नाम पर नहर तोड़े जाने पर आपत्ति जताई। किसानों ने कहा कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
