राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर फिर गरमाई सियासत: आधाी रात वीडियो जारी करके अखिलेश यादव का भाजपा पर निशाना, बोले- मामले को दबाने की कोशिश

वीडियो शेयर कर उठाए जांच पर सवाल, कहा- दोषियों को बचाने के लिए बयानबाजी हो रही है

लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में गंभीरता दिखाने के बजाय बयानबाजी के जरिए पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावा, चंदा और दान से जुड़े मामले में भाजपा सरकार का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उनके मुताबिक, जब राज्य स्तर पर गठित विशेष जांच दल (SIT) के गठन पर सवाल उठे तो केंद्र की ओर से नई जांच की बात सामने आई। इसके साथ ही कुछ अन्य लोगों द्वारा भी समानांतर जांच के बाद कथित तौर पर क्लीन चिट दिए जाने पर उन्होंने सवाल खड़े किए।

सपा प्रमुख ने कहा कि यदि कुछ लोग बिना आधिकारिक जांच पूरी हुए ही किसी को निर्दोष बता रहे हैं, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि उनके पास ऐसे कौन से प्रमाण हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर उनके पास सबूत हैं तो वे उन्हें कैसे मिले, और यदि सबूत नहीं हैं तो फिर किस आधार पर आरोपितों को बेगुनाह बताया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने करीबी लोगों को बचाने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो।

सोशल मीडिया पर साझा अपने संदेश के अंत में उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “जो महापाप में साथी, वो रामघाती।”

राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। फिलहाल जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है, जबकि राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।