बेटे ने चलाई सरकारी रायफल, मोहला-मानपुर SP को PHQ का नोटिस

दशहरा पर शस्त्र पूजा के बाद पिता-पुत्र की फायरिंग का वीडियो वायरल; विधायक ने कार्रवाई की मांग की, भूपेश बघेल ने भी उठाए सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में दशहरा के दौरान शस्त्र पूजा के बाद सरकारी हथियारों से फायरिंग का मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मोहला-मानपुर के एसपी वायपी सिंह को नोटिस जारी किया है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में एसपी अपने बेटे के साथ सरकारी रायफल से फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि वीडियो में एसपी के बेटे के हाथ में भी रायफल दिखाई दे रही है।

एक सप्ताह के भीतर पुलिस मुख्यालय की ओर से किसी एसपी को नोटिस जारी करने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले राजनांदगांव की एसपी अंकिता शर्मा को भी शस्त्र पूजा के बाद AK-47 से फायरिंग करने का वीडियो सामने आने पर नोटिस दिया गया था।

बेटे के सरकारी हथियार चलाने पर उठे सवाल

मामला दशहरा के दिन शस्त्र पूजा के बाद हुई फायरिंग से जुड़ा है। वायरल वीडियो में मोहला-मानपुर के एसपी वायपी सिंह अपने बेटे के साथ फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि बेटे ने भी सरकारी रायफल से गोली चलाई।

हालांकि, पुलिस महकमे के एक वर्ग का दावा है कि बेटे के फायरिंग करने वाला वीडियो पिछले साल का है। इसके बावजूद सरकारी हथियार को बेटे के इस्तेमाल करने देने को गंभीर मामला माना जा रहा है।

विधायक ने की कार्रवाई की मांग, पूर्व CM ने भी उठाए सवाल

इस मामले को लेकर मोहला-मानपुर के विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया कि छत्तीसगढ़ पुलिस में यह क्या हो रहा है, जहां पिता-पुत्र सरकारी रायफल चला रहे हैं।

इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने एसपी वायपी सिंह को नोटिस जारी किया। PHQ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नोटिस जारी होने की पुष्टि की है। अधिकारी के मुताबिक, एसपी का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

अंकिता शर्मा को भी मिल चुका है नोटिस

इससे पहले राजनांदगांव की एसपी अंकिता शर्मा का शस्त्र पूजा के बाद AK-47 से फायरिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह वीडियो देशभर में चर्चा का विषय बना था। एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल ने इस तरह फायरिंग को खतरनाक बताते हुए आपत्ति जताई थी। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने अंकिता शर्मा को नोटिस जारी किया था।

अंकिता शर्मा को नोटिस जारी होने के बाद राजनांदगांव के आईजी के बयान पर सोशल मीडिया में विवाद हुआ था। इस बार पुलिस मुख्यालय ने नोटिस जारी करने के बाद आईजी से मीडिया में बयान नहीं दिलाया है।

कौन हैं वायपी सिंह?

वायपी सिंह पहले सीमा सुरक्षा बल (BSF) में अधिकारी थे। नक्सल गतिविधियों के दौर में जब राजनांदगांव में BSF की एक बटालियन तैनात थी, तब उनकी पोस्टिंग वहां हुई थी। कुछ साल बाद राज्य सरकार ने उनकी सेवाएं BSF से लेकर राज्य पुलिस सेवा में शामिल कर लीं।

राज्य पुलिस सेवा में आने के बाद उन्हें स्टेट पुलिस का बैच मिला और बाद में IPS अवार्ड हुआ। IPS बनने से पहले वे लंबे समय तक मोहला-मानपुर क्षेत्र में पदस्थ रहे। फिलहाल वे इसी जिले के पुलिस अधीक्षक हैं।