रायपुर के सेंट पॉल स्कूल परिसर (St. Paul School Raipur) में एक विवादित निर्माण को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने मंगलवार की सुबह संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद शुरू हुई यह St. Paul School Raipur bulldozer action राजधानी में तेज़ी से चर्चा का विषय बन गई है।
सुबह पहुंची प्रशासन की टीम, दोनों सड़कें की गईं बंद
तड़के सुबह जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम बड़ी संख्या में सेंट पॉल स्कूल परिसर पहुंची। कार्रवाई शुरू करने से पहले ही स्कूल के दोनों तरफ की सड़कें पूरी तरह बंद कर दी गईं। किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। कुछ ही घंटों के भीतर विवादित सामुदायिक भवन को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
अपर कलेक्टर और ADCP खुद रहे मौके पर मौजूद
इस St. Paul School Raipur bulldozer action को उच्च-स्तरीय अधिकारियों की निगरानी में अंजाम दिया गया। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर डटे रहे। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और कोई भी अनहोनी नहीं हुई।
हिंदू स्वाभिमान संगठन ने क्या लगाए थे आरोप?
हिंदू स्वाभिमान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष विश्वदिनी पांडेय ने नगर निगम और जिला प्रशासन से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि सेंट पॉल स्कूल परिसर में सामुदायिक भवन की आड़ में वास्तव में चर्च का निर्माण कराया जा रहा था। संगठन के मुताबिक इस जमीन की लीज साल 2022 में ही समाप्त हो चुकी है और बिना वैध नवीनीकरण के निर्माण कार्य जारी रखा गया।
विश्वदिनी पांडेय का यह भी कहना था कि परिसर के निकट पहले से ही एक चर्च मौजूद है, इसलिए इतने बड़े निर्माण की तार्किक आवश्यकता नहीं थी।
विरोध के बाद बढ़ा प्रशासन पर दबाव
कई हिंदू संगठन इस मामले में एकजुट हुए और लगातार प्रदर्शन किए। कार्यकर्ताओं ने पहले कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, फिर निर्माण स्थल पर भी नारेबाजी की। लगातार बढ़ते दबाव के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन ने इस बड़े कदम की ओर बढ़ने का फैसला किया।
प्रशासन की जांच में सामने आया यह तथ्य
अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि संबंधित पक्ष को साल 2010 में सामुदायिक भवन निर्माण की अनुमति दी गई थी। हालांकि हाल में मिली शिकायतों के आधार पर जब जांच हुई तो पता चला कि सामुदायिक भवन की अनुमति पर धार्मिक ढांचे का निर्माण हो रहा है।
अपर कलेक्टर के अनुसार यूनाइटेड चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया को यह भूमि नजूल लीज पर दी गई थी। इस लीज का नवीनीकरण साल 2022 में होना था, लेकिन अभी तक इसकी अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है।
सेंट पॉल ट्रस्ट का पक्ष अब तक नहीं आया
अब तक सेंट पॉल ट्रस्ट या चर्च प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन ने भी कार्रवाई की विस्तृत वजह को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है। यह रिपोर्ट अब तक उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। जब सभी पक्षों के बयान सामने आएंगे, तब स्थिति और अधिक स्पष्ट होगी।
