शिक्षक अमित कुमार की तत्परता से कार्डियक अरेस्ट आए परीक्षार्थी की बची जान

बिलासपुर। बिलासपुर में शिक्षक की तत्परता और सूझबूझ से कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में पहुंचे एक परीक्षार्थी की जान बच गई। रविवार 4 अक्टूबर को प्रदेशभर में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की ओर से छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (SET) आयोजित की गई थी। बिलासपुर के परीक्षा केंद्र क्रमांक 13007, स्वामी आत्मानंद शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरकंडा में परीक्षा के बाद एक परीक्षार्थी की अचानक तबीयत बिगड़ गई।

परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद परीक्षार्थी अचानक अचेत होकर गिर पड़ा। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय के शिक्षक अमित कुमार नामदेव ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों की मदद से परीक्षार्थी को तत्काल प्राथमिक सहायता और जीवनरक्षक प्रयास उपलब्ध कराए। इसके साथ ही आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर फोन कर चिकित्सकीय सहायता मांगी गई।

एम्बुलेंस की मदद से परीक्षार्थी को तत्काल उपचार के लिए सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर प्राथमिक सहायता और चिकित्सा सुविधा मिलने से उसकी स्थिति में सुधार हुआ। चिकित्सकों ने भी मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने को महत्वपूर्ण बताया।

जागरूकता और त्वरित निर्णय से मिली मदद

इस घटना ने यह दिखाया कि आपात स्थिति में समय पर लिया गया निर्णय और प्राथमिक जीवनरक्षक उपाय किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षक अमित कुमार नामदेव की तत्परता की विद्यालय परिवार, परीक्षार्थियों और अभिभावकों ने सराहना की।

विद्यालय के प्राचार्य पी. मंडल ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है। उन्हें विद्यार्थियों और परीक्षार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस घटना से स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत भी सामने आई है।