74 रन बनाने वाले विराट कोहली से 2 विकेट लेने वाले बॉलर ने छीना प्लेयर ऑफ द मैच

नई दिल्ली।

भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में DLS नियम के तहत 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड को 185 रनों पर समेटने के बाद भारत को 32 ओवर में 143 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला था जिसे भारतीय टीम ने 22.4 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत में बल्ले से विराट कोहली और गेंद से युवा पेसर अंशुल कंबोज ने अहम भूमिका निभाई हालांकि मैच का असली हीरो और प्लेयर ऑफ द मैच कंबोज को चुना गया।

विराट कोहली ने खेली थी 74 रन की पारी

रन चेज के दौरान स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने केवल 51 गेंदों पर 13 चौकों और 1 छक्के की मदद से 74 रनों की आक्रामक और तूफानी पारी खेली। रोहित शर्मा के शून्य पर आउट होने के बाद दबाव में आई भारतीय टीम को कोहली ने अपने ट्रेडमार्क अंदाज में संभाला और जीत की नींव रखी। अपनी इस मैच-विनिंग पारी के दम पर विराट भी इस पुरस्कार के उतने ही हकदार नजर आ रहे थे लेकिन अंत में गेंदबाजों का दबदबा भारी पड़ा।

अंशुल कंबोज की बेहतरीन बॉलिंग

मैच का असली टर्निंग पॉइंट न्यूजीलैंड की पारी के दौरान आया जहां अपने करियर का केवल दूसरा वनडे मुकाबला खेल रहे युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने कीवी बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी। कंबोज ने अपने 10 ओवरों के कोटे में बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए मात्र 22 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनकी इस कसी हुई गेंदबाजी की बदौलत ही न्यूजीलैंड की मजबूत टीम महज 185 रनों के मामूली स्कोर पर ढेर हो गई जिससे भारत के लिए जीत की राह बेहद आसान हो गई।

क्या बोले अंशुल कंबोज

प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने के बाद अंशुल कंबोज ने अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा, ‘मेरे लिए सबसे अहम था कि मैं पिच के बर्ताव की परवाह किए बिना लगातार एक ही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करूं। वोबल सीम गेंद मेरे लिए काफी कारगर साबित हो रही थी। मुझे पिच से अच्छा बाउंस भी मिल रहा था, इसलिए मेरा पूरा ध्यान केवल सही लेंथ हासिल करने पर ही केंद्रित था।’

अंशुल ने ‘छीना’ अवॉर्ड

भले ही विराट कोहली ने 74 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर महफिल लूटी लेकिन अपने सिर्फ दूसरे ही अंतरराष्ट्रीय मैच में न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम को कम स्कोर पर समेटने में निर्णायक भूमिका निभाने वाले अंशुल कंबोज को इस खास प्रदर्शन का श्रेय मिला। यह मुकाबला दिखाता है कि भारत का युवा गेंदबाजी आक्रमण अब बड़े मंचों पर अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।