Vedanta Demerger News: वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का बड़ा ऐलान, अगले महीने तक शेयर बाजार में लिस्ट होंगी 4 नई कंपनियां

Vedanta Demerger News

Vedanta Demerger News:नई दिल्ली/मुंबई। दिग्गज खनन और धातु कंपनी वेदांता (Vedanta Limited) के निवेशकों के लिए एक बेहद शानदार और अहम खबर आई है। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि कंपनी के डीमर्जर (Demerger) से बनी सभी 4 नई इकाइयां अगले महीने के भीतर शेयर बाजार में स्वतंत्र रूप से लिस्ट हो जाएंगी। एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान अग्रवाल ने कंपनी के विस्तार और वैल्यू अनलॉकिंग को लेकर अपने बड़े प्लान साझा किए हैं। इस डीमर्जर से वेदांता के निवेशकों को भारी फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

1 शेयर के बदले मिलेंगे 4 कंपनियों के शेयर

वेदांता लिमिटेड के इस बड़े डीमर्जर के तहत कंपनी को कुल 5 स्वतंत्र और प्योर-प्ले कंपनियों में बांटा गया है। जिन निवेशकों के पास वेदांता लिमिटेड का 1 शेयर है, उन्हें 4 नई कंपनियों के 1-1 शेयर मुफ्त में मिलेंगे। इस तरह 1 शेयर कुल 5 शेयरों में बदल जाएगा। वेदांता से अलग होकर बनी 4 नई कंपनियां इस प्रकार हैं:

  • वेदांता एल्युमीनियम (Vedanta Aluminium)
  • वेदांता पावर (Vedanta Power – पहले तलवंडी सोबो पावर)
  • वेदांता ऑयल एंड गैस (Vedanta Oil & Gas – पहले माल्को एनर्जी)
  • वेदांता आयरन एंड स्टील (Vedanta Iron and Steel)

इन चारों नई कंपनियों के अलावा ‘वेदांता लिमिटेड’ एक मूल कंपनी के रूप में शेयर बाजार में बनी रहेगी, जिसके पास मुख्य रूप से जिंक (Zinc) और क्रिटिकल मेटल का कारोबार रहेगा। इसके साथ ही, हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) में वेदांता की 65% हिस्सेदारी भी इसी मूल कंपनी के पास रहेगी।

अनिल अग्रवाल का आक्रामक विजन और प्रोडक्शन टारगेट

चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अलग हुई प्रत्येक कंपनी के लिए एक बड़ा और आक्रामक विजन पेश किया है।

  • एल्युमीनियम बिजनेस: अग्रवाल ने बताया कि कंपनी का मौजूदा एल्युमीनियम उत्पादन 30 लाख टन सालाना है। डीमर्जर के बाद इसे 3 साल के भीतर बढ़ाकर 60 लाख टन सालाना करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • ऑयल एंड गैस: वेदांता ऑयल एंड गैस सेक्टर में 3 से 5 साल के भीतर 5 अरब डॉलर का निवेश करने जा रही है। इसका मुख्य लक्ष्य उत्पादन को 3 लाख बैरल से बढ़ाकर 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक ले जाना है।
  • आयरन एंड स्टील: इस वक्त वेदांता अपने मुख्य प्लांट और गोवा को मिलाकर कुल 5 मिलियन टन आयरन और स्टील का उत्पादन कर रही है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 15 मिलियन टन ग्रीन, इलेक्ट्रिक या स्पेशल स्टील उत्पादन तक ले जाने का बड़ा टारगेट सेट किया गया है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस डीमर्जर से वेदांता ग्रुप के अलग-अलग बिजनेस की सही वैल्यू सामने आएगी, जिससे सीधे तौर पर रिटेल और संस्थागत शेयरधारकों को लंबी अवधि में बड़ा मुनाफा होगा।