रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर शातिर ठगों ने एक बड़ी धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया है। इस बार ठगों का निशाना एक ट्रेवल एजेंट बना है, जिससे विदेशी होटल बुकिंग और करेंसी एक्सचेंज का झांसा देकर लगभग 19 लाख 47 हज़ार रुपये की विदेशी मुद्रा ठग ली गई। तेलीबांधा थाना पुलिस ने इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर अपराध दर्ज कर दोनों शातिर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
यह पूरी घटना रायपुर के पॉश इलाके तेलीबांधा स्थित करेंसी टावर से जुड़ी है। पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गुरुनानक नगर तेलीबांधा निवासी हरदीप सिंह होरा एक टूर एंड ट्रेवल्स फर्म का संचालन करते हैं। उनकी यह संस्था मुख्य रूप से देश-विदेश में एयर टिकट, होटल बुकिंग और विशेष टूर पैकेज का काम संभालती है। बीते एक मार्च को उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति का व्हाट्सएप कॉल आया, जिसने अपना नाम हर्षित अग्रवाल बताया। इस शातिर कॉलर ने हरदीप को यह विश्वास दिलाया कि वह और उसका भाई करेंसी टावर की सातवीं मंजिल पर जेनिथ को-वर्किंग स्पेस के नाम से अपना एक कार्यालय चलाते हैं।
आरोपी ने शुरुआती बातचीत में हरदीप से अमेरिका और लंदन में कुछ चुनिंदा होटल बुकिंग की जानकारी मांगी। व्यापारिक दृष्टिकोण से हरदीप ने भी बिना किसी संदेह के तुरंत व्हाट्सएप के माध्यम से सभी आवश्यक विवरण भेज दिए। इसके बाद हर्षित ने एक सुनियोजित साज़िश के तहत हरदीप से उनके बैंक खाते की जानकारी मांगी और यह दावा किया कि वह बुकिंग की अग्रिम राशि भेज रहा है। अगले ही दिन दो मार्च को हर्षित ने हरदीप को करेंसी टावर के उसी को-वर्किंग स्पेस में 18 हज़ार अमेरिकी डॉलर और 2 हज़ार ब्रिटिश पाउंड के साथ बुलाया। उसने यह भी कहा कि वहां उसका भाई रक्षित अग्रवाल डॉलर लेकर बदले में नकद भारतीय रुपये दे देगा।
जब हरदीप तय समय पर विदेशी मुद्रा लेकर करेंसी टावर पहुंचे, तो वहां योजना के मुताबिक रक्षित अग्रवाल एक बैग लेकर पहुंचा। उसने हरदीप से बड़ी ही चालाकी से अमेरिकी और ब्रिटिश करेंसी ले ली और यह कहकर केबिन से बाहर निकल गया कि वह इतनी बड़ी रकम गिनने के लिए नोट गिनने की मशीन लेकर आ रहा है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हर्षित लगातार फोन पर हरदीप से बात करता रहा और उसे बैंक आरटीजीएस ट्रांसफर करने का फ़र्ज़ी झांसा देकर उलझाए रखा। काफी देर इंतज़ार करने के बाद जब रक्षित मशीन लेकर वापस नहीं लौटा और हर्षित ने भी अपना फोन बंद कर लिया, तब जाकर हरदीप को अपने साथ हुई इस भारी धोखाधड़ी का वास्तविक अहसास हुआ।
ठगी गई इस पूरी विदेशी मुद्रा की कुल क़ीमत भारतीय बाज़ार में 19 लाख 47 हज़ार 400 रुपये आंकी गई है। हरदीप की विस्तृत शिकायत के आधार पर तेलीबांधा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। यह ताज़ा घटना व्यापारिक लेन-देन और ख़ासकर विदेशी मुद्रा विनिमय में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर ज़ोर देती है।
