World News: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आहट? ट्रंप ने दिए हमले के संकेत, UAE ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने को कहा

US Iran Tension

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध के बादल गहरे होते जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के खुले संकेत देकर दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। दूसरी तरफ, खाड़ी देशों में भी भारी उथल-पुथल मची हुई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने युद्ध के खतरे को भांपते हुए अपने नागरिकों को तुरंत ईरान, लेबनान और इराक छोड़ने का अलर्ट जारी कर दिया है।

ट्रंप की चेतावनी और ईरान का पलटवार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए बेताब है। हमले को लेकर पूछे गए एक सवाल पर ट्रंप ने कहा कि वैसे तो उन्हें हमले की जरूरत महसूस नहीं होती, लेकिन हालात को देखते हुए शायद इसकी जरूरत पड़ भी सकती है।

इस बयान पर ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ईरानी बंदरगाहों पर की गई अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी को सीधे तौर पर सैन्य अभियानों का विस्तार बताया है और इसे पूरी तरह असहनीय करार दिया है।

ईरान में एक्टिव हुआ एयर डिफेंस सिस्टम

ईरान संभावित अमेरिकी हमले को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राजधानी तेहरान में छोटे विमानों और ड्रोन के खतरे से निपटने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है।

  • ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान बातचीत से इनकार नहीं कर रहा है, लेकिन वह अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों से कोई समझौता नहीं करेगा।
  • ईरान के अंदर भी भारी सियासी खींचतान चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति पेजेश्कियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ विदेश मंत्री अब्बास अराघची को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि अराघची राष्ट्रपति को नजरअंदाज कर सीधे आईआरजीसी (IRGC) के निर्देशों पर अमेरिका से बातचीत कर रहे हैं।

खाड़ी देशों में खलबली, UAE ने उठाया बड़ा कदम

इस बढ़ते तनाव का सबसे ज्यादा असर खाड़ी देशों पर पड़ रहा है।

  • यूएई (UAE) ने अपने नागरिकों के ईरान, लेबनान और इराक जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है और वहां मौजूद लोगों को तुरंत घर लौटने का आग्रह किया है।
  • कूटनीतिक मोर्चे पर भी खाड़ी में बड़ा बदलाव हुआ है। यूएई अब ओपेक (OPEC) से अलग हो गया है और सऊदी अरब के साथ उसके रिश्ते बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गए हैं। दोनों देशों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के कारण खाड़ी में शांति की उम्मीदें धूमिल होती दिख रही हैं।

क्या है अमेरिका का आगे का प्लान?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने भविष्यवाणी की है कि युद्ध समाप्त होने के बाद पेट्रोल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। इस बीच, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर गहराई से चिंतित हैं और इस बात का आकलन कर रही हैं कि अगर अमेरिका अचानक युद्ध समाप्ति की घोषणा करता है, तो उसके रणनीतिक परिणाम क्या होंगे।