China Taiwan Tension:चीन (China) और ताइवान (Taiwan) के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ड्रैगन अपनी विस्तारवादी नीतियों के तहत ताइवान पर लगातार दबाव बना रहा है। ताजा घटनाक्रम में ताइवान के रणनीतिक रूप से बेहद अहम पेंघू द्वीप (Penghu Islands) के पास 2 चीनी युद्धपोत (Warships) देखे गए हैं। इस घुसपैठ के तुरंत बाद ताइवान की सेना और रक्षा मंत्रालय हाई अलर्ट (High Alert) पर आ गए हैं।
पेंघू द्वीप के पास क्या कर रहा है चीन?
ताइवान स्ट्रेट (Taiwan Strait) में स्थित पेंघू द्वीप समूह सैन्य दृष्टिकोण से ताइवान की सबसे महत्वपूर्ण रक्षा पंक्ति है।
- 27 अप्रैल 2026 को ताइवान के रडार और नौसेना ने पेंघू द्वीप के बेहद करीब 2 चीनी सैन्य जहाजों की गतिविधियों को ट्रैक किया।
- रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चीन इस तरह की उकसाने वाली कार्रवाइयों से ताइवान की रक्षा प्रणाली और उनकी जवाबी कार्रवाई के समय का आकलन करना चाहता है।
- ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने तुरंत अपनी नौसेना और वायुसेना को अलर्ट कर दिया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।
ड्रैगन की बढ़ती आक्रामकता
पिछले कुछ समय में ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा (Median Line) को पार करना चीनी सेना के लिए एक आम बात हो गई है। चीन अक्सर ताइवान के हवाई क्षेत्र (ADIZ) और समुद्री सीमाओं में अपने लड़ाकू विमान और युद्धपोत भेजता रहता है। बीजिंग लगातार ताइवान पर अपना दावा ठोकता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग से भी इनकार नहीं करता। वहीं, अमेरिका सहित अन्य पश्चिमी देश ताइवान का समर्थन कर रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
ताइवान प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वे शांति चाहते हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। पेंघू द्वीप के पास 2 युद्धपोतों का आना एक गंभीर संकेत है कि चीन ताइवान को घेरने की अपनी ‘सलामी-स्लाइसिंग’ (Salami-Slicing) रणनीति को और तेज कर रहा है।
