छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हाथ लगी है। राज्य के घने जंगलों में हुई एक भीषण मुठभेड़ में जवानों ने 5 लाख रुपये के एक कुख्यात इनामी नक्सली को मार गिराया है। यह ‘Chhattisgarh Naxal encounter’ सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता और माओवादी नेटवर्क के लिए एक करारा झटका माना जा रहा है।
5 लाख के इनामी माओवादी का खात्मा
पुलिस और खुफिया एजेंसियों को एक गुप्त सूचना मिली थी कि घने जंगली इलाके में कुछ हथियारबंद माओवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में छिपे हुए हैं। इसी सटीक खुफिया सूचना के आधार पर जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को घिरता देख नक्सलियों ने जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई की।
Chhattisgarh Naxal encounter: कैसे हुआ यह ऑपरेशन?
दोनों ओर से घंटों चली इस भारी गोलीबारी के बाद, जब इलाके में सर्चिंग की गई तो वहां से एक पुरुष नक्सली का शव बरामद हुआ। मारे गए माओवादी की शिनाख्त एक खूंखार नक्सल कमांडर के रूप में हुई है, जिस पर राज्य सरकार द्वारा 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह पुलिस पर कई बड़े और हिंसक हमलों तथा आईईडी (IED) ब्लास्ट की कई गंभीर घटनाओं में मुख्य रूप से वांछित था।
हथियार बरामद और सर्च अभियान जारी
इस सफल मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, माओवादी साहित्य और दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस मुठभेड़ के दौरान कुछ अन्य नक्सलियों को भी गोलियां लगी हैं, जो जंगल और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। फिलहाल पूरे इलाके की सख्त घेराबंदी कर सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन (Search Operation) चलाया जा रहा है ताकि भागने वाले नक्सलियों को भी पकड़ा जा सके।
