Liquor scam 2000 crore: शराब घोटाले पर विधानसभा में भारी हंगामा, विपक्ष ने सरकार को घेरा

Opposition leaders strongly protesting inside the Chhattisgarh Assembly demanding a high-level inquiry into the alleged 2000 crore liquor scam.

छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के वर्तमान सत्र में आज भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भारी राजनीतिक घमासान देखने को मिला। सदन की कार्यवाही के दौरान बहुचर्चित कथित शराब घोटाले की गूंज पूरे परिसर में सुनाई दी। इस ‘Liquor scam 2000 crore’ के बड़े मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल ने सत्ता पक्ष पर तीखा प्रहार किया और सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए सदन में जमकर हंगामा किया। इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने राज्य की राजनीति का तापमान एकदम से बढ़ा दिया है।

Liquor scam 2000 crore: विपक्ष के गंभीर आरोप

प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी विधायकों ने प्रदेश में हुए कथित शराब घोटाले (Liquor Scam) की विस्तृत जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार तरीके से अपनी आवाज उठाई। विपक्ष ने सदन में दावा किया कि राज्य में ‘Liquor scam 2000 crore’ का एक बड़ा और सुनियोजित सिंडिकेट काम कर रहा था, जिसमें कई रसूखदार अधिकारी और राजनेता शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खजाने (State Exchequer) को भारी नुकसान पहुंचाकर समानांतर और अवैध शराब की बिक्री से करोड़ों रुपये की काली कमाई की गई है।

उच्च-स्तरीय जांच (High-level Probe) की उठी मांग

सदन में इस आर्थिक अपराध की गंभीरता को देखते हुए विपक्ष ने राज्य सरकार से इस पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की सख्त मांग की। विपक्षी नेताओं का स्पष्ट कहना था कि बिना किसी मजबूत राजनीतिक संरक्षण (Political Patronage) के इतने बड़े पैमाने पर 2000 करोड़ रुपये का राजस्व घोटाला संभव ही नहीं है। उन्होंने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की मांग रखी।

सत्ता पक्ष का कड़ा पलटवार और नारेबाजी

विपक्ष के इन सीधे और तीखे आरोपों पर सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने भी सदन में जोरदार पलटवार किया। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि जांच एजेंसियां (Investigating Agencies) अपना काम कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, विपक्ष इन जवाबों से असंतुष्ट दिखा और सदन के वेल (Well of the House) में आकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते विधानसभा की कार्यवाही काफी देर तक बाधित रही।