Swami Atmanand School update: इंग्लिश मीडियम स्कूलों में हिंदी के प्राचार्य? शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान

Chhattisgarh Education Minister addressing the state assembly regarding the Swami Atmanand English Medium School appointments and policies.

छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के वर्तमान सत्र में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और महत्वाकांक्षी स्कूल प्रोजेक्ट्स को लेकर एक बड़ा मुद्दा उठा है। राज्य के शिक्षा मंत्री ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालयों (Swami Atmanand English Medium Schools) की मौजूदा कार्यप्रणाली पर एक बेहद अहम बयान दिया है। ताज़ा ‘Swami Atmanand School update’ के अनुसार, इन स्कूलों में हिंदी माध्यम के प्राचार्यों की नियुक्ति और प्री-प्राइमरी कक्षाओं के संचालन को लेकर सदन में कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।

Swami Atmanand School update: इंग्लिश मीडियम में हिंदी के प्राचार्य

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्राचार्यों (Principals) और शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया की गहन समीक्षा की जा रही है। विपक्ष और कई जन-प्रतिनिधियों ने यह अहम मुद्दा उठाया था कि पूरी तरह से इंग्लिश मीडियम पैटर्न पर आधारित इन स्कूलों में हिंदी माध्यम (Hindi Medium) के शिक्षकों और प्राचार्यों की नियुक्तियां कर दी गई हैं। सदस्यों का कहना था कि इस अव्यवस्था से शिक्षा की गुणवत्ता (Quality of Education) पर सीधा और नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

प्री-प्राइमरी (Pre-Primary) कक्षाओं के संचालन पर उठे सवाल

प्राचार्यों की नियुक्ति के अलावा, इन स्कूलों में संचालित हो रही प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन पर भी सदन में तीखी चर्चा हुई। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश के कई स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बिना पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित नर्सरी शिक्षकों (Trained Teachers) के ही प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। शिक्षा मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया है कि सरकार इन सभी प्रशासनिक विसंगतियों की जांच करा रही है और छोटे बच्चों की शिक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार का कड़ा रुख

विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इन स्कूलों के मूल उद्देश्य को भटकने नहीं दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी स्कूलों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करें और जहां भी नियुक्ति नियमों का खुला उल्लंघन पाया जाए, वहां तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।