मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान के साथ जारी युद्ध और भारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बेहद सख्त और बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। क्षेत्रीय शांति और आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए ताज़ा ‘UAE fake news crackdown’ (यूएई फेक न्यूज़ कार्रवाई) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर ली हैं। यूएई प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी और झूठी खबरें फैलाने के आरोप में 35 लोगों की तत्काल गिरफ्तारी के सख्त आदेश जारी किए हैं, जिनमें 19 भारतीय नागरिक (Indian Nationals) भी शामिल हैं।
UAE fake news crackdown: सोशल मीडिया (Social Media) की कड़ी निगरानी
ईरान युद्ध (Iran Conflict) के कारण खाड़ी देशों में पहले से ही हाई अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। ऐसे संवेदनशील समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही अफवाहों (Rumors) को रोकने के लिए यूएई सरकार ने यह ‘UAE fake news crackdown’ अभियान तेज कर दिया है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि फर्जी वीडियो, भ्रामक पोस्ट्स और दुष्प्रचार से समाज में अनावश्यक दहशत और अस्थिरता फैल सकती है। यूएई के कड़े साइबर अपराध कानूनों (Cyber Crime Laws) के तहत इस तरह के अपराधों के लिए भारी जुर्माना, जेल और निर्वासन (Deportation) का कड़ा प्रावधान है।
19 भारतीयों (Indians) पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
इस बड़ी कार्रवाई में जिन 35 आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया गया है, उनमें 19 भारतीय प्रवासियों का नाम आना एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। इस घटना के बाद स्थानीय भारतीय दूतावास (Indian Embassy) स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने सभी प्रवासियों (Expats) को कड़ी चेतावनी दी है कि वे बिना प्रामाणिकता जांचे युद्ध या सुरक्षा से जुड़ी किसी भी संवेदनशील सामग्री को ऑनलाइन साझा या फॉरवर्ड न करें।
आंतरिक सुरक्षा (Internal Security) को लेकर जीरो टॉलरेंस
यूएई ने इस कदम से दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ‘फेक न्यूज़’ को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई ने खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों को सतर्क कर दिया है।
