Developed Chhattisgarh Dream: विकसित छत्तीसगढ़ का सपना सभी समाजों के सहयोग से ही होगा साकार- CM साय

Chief Minister Vishnu Deo Sai addressing a public gathering in Raipur, highlighting the Developed Chhattisgarh Dream and the importance of community cooperation.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) को एक सशक्त और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में सरकार ने अपने इरादे बिल्कुल साफ़ कर दिए हैं। ताज़ा Developed Chhattisgarh Dream (डेवलप्ड छत्तीसगढ़ ड्रीम) अपडेट के अनुसार, राजधानी रायपुर (Raipur) में एक अहम् कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना केवल तभी साकार होगा जब सभी समाजों और वर्गों का पूरा सहयोग मिलेगा। जनसंपर्क विभाग (DPRCG) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, सरकार का मुख्य मक़सद बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के हर नागरिक तक विकास पहुंचाना है।

Developed Chhattisgarh Dream: सभी समाजों (Communities) की अहम् भूमिका

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिल्कुल साफ़ शब्दों में कहा कि कोई भी राज्य या समाज केवल सरकारी योजनाओं के भरोसे आगे नहीं बढ़ सकता। Developed Chhattisgarh Dream को सच करने के लिए हर समाज की अपनी एक विशेष और ज़रूरी भूमिका है। जब हर वर्ग के लोग एक साथ मिलकर राज्य के निर्माण में अपनी ज़िम्मेदारी निभाएंगे, तब जाकर प्रदेश प्रगति के एक नए और मज़बूत शिखर पर पहुंचेगा। प्रशासन हर वर्ग को साथ लेकर चलने की नीति पर पूरी तरह से क़ायम है।

सामाजिक समरसता और विकास (Development) का नया रोडमैप

सरकार का पूरा ज़ोर सामाजिक समरसता और पारदर्शी नीतियों पर है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आदिवासी, दलित, पिछड़े और सामान्य, सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर ही नई नीतियां तैयार की जा रही हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जनता से किसी भी प्रकार की अफ़वाहों पर ध्यान न देने और समाज में शांति बनाए रखने की ख़ास अपील भी की है।

भविष्य (Future) के सशक्त छत्तीसगढ़ की ओर तेज़ क़दम

इस बड़े और ऐतिहासिक विज़न के साथ राज्य सरकार ने शिक्षा, रोज़गार, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में अपने विकास के क़दम और ज़्यादा तेज़ कर दिए हैं। प्रदेश के हर ग़रीब और ज़रूरतमंद नागरिक के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना ही इस पूरी क़वायद का सबसे बड़ा और अहम् लक्ष्य है, जो केवल आपसी सहयोग और ज़बरदस्त तालमेल से ही हासिल किया जा सकता है।