दुनिया के एक हिस्से में हो रहे तनाव का असर हजारों किलोमीटर दूर आम आदमी की रसोई और जेब तक कैसे पहुंचता है, इसका ताजा उदाहरण छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट (Middle East) में चल रही भारी खींचतान और युद्ध जैसी स्थिति का सीधा असर अब रायपुर के बाजारों पर पड़ने लगा है।
आयात-निर्यात और ग्लोबल सप्लाई चेन (Supply Chain) बुरी तरह से प्रभावित होने के कारण रायपुर में रोजमर्रा के कई महंगे सामानों, विशेषकर ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवों), मोबाइल और ऑटोमोबाइल पार्ट्स की कीमतों में अचानक भारी उछाल आ गया है।
30 फीसदी तक महंगे हुए ड्राई फ्रूट्स
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सबसे ज्यादा असर ड्राई फ्रूट्स के बाजार पर पड़ा है।
- खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति के कारण सप्लाई चेन लगभग ठप पड़ गई है।
- ईरान, कुवैत, अफगानिस्तान, कतर के अलावा कैलिफोर्निया और वियतनाम से भी आयात किए जाने वाले सूखे मेवों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
- इसका सीधा नतीजा यह हुआ है कि रायपुर के थोक और चिल्लर बाजारों में ड्राई फ्रूट्स के दाम में लगभग 30 फीसदी तक का भारी इजाफा हो गया है।
- जिन सूखे मेवों की कीमतों में सबसे तेज उछाल देखा गया है, उनमें काजू, बादाम, पिस्ता, अंजीर और अखरोट मुख्य रूप से शामिल हैं।
मिठाइयों की मिठास भी हुई महंगी
सूखे मेवों के दाम बढ़ने का सीधा असर मिठाइयों के बाजार पर भी पड़ा है।
- काजू, बादाम और पिस्ता का सबसे ज्यादा इस्तेमाल महंगी और प्रीमियम मिठाइयां बनाने में होता है।
- ड्राई फ्रूट्स महंगे होने के कारण रायपुर के मिठाई कारोबारियों को भी अपने दाम बढ़ाने पड़े हैं।
- बाजार के जानकारों के मुताबिक, ड्राई फ्रूट्स से बनने वाली मिठाइयों की कीमतों में 50 रुपये से लेकर 500 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मोबाइल और ऑटोमोबाइल पार्ट्स के दाम में 5000 रुपये तक का इजाफा
तनाव का असर सिर्फ खाने-पीने की चीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक और ऑटोमोबाइल सेक्टर भी इसकी चपेट में आ गए हैं।
- विदेशी आयात पर निर्भर रहने वाले मोबाइल फोन्स, उनके स्पेयर पार्ट्स और ऑटोमोबाइल के उपकरणों की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
- रायपुर के बाजारों में कुछ प्रीमियम मोबाइल और ऑटोमोबाइल पार्ट्स की कीमतों में 5000 रुपये तक का बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है।
अगर मिडिल ईस्ट का यह तनाव जल्द ही शांत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर महंगाई की यह मार और भी ज्यादा भारी पड़ सकती है।
