Jammu Drug Peddler Action:जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में आतंकवाद की कमर तोड़ने के बाद अब प्रशासन ने ‘नार्को-टेररिज्म’ और नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जंग छेड़ दी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के सख्त निर्देशों के बाद जम्मू पुलिस और नागरिक प्रशासन एक्शन मोड में आ गए हैं। राज्य में नशा तस्करों द्वारा काली कमाई से खड़े किए गए अवैध साम्राज्यों को मिट्टी में मिलाने का काम तेजी से शुरू हो गया है। इसी कड़ी में जम्मू जिले के विभिन्न इलाकों, विशेषकर निक्की तवी और राजीव नगर क्षेत्रों में, प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ड्रग पैडलर्स के कई आलीशान घरों और ढांचों पर बुलडोजर चला दिया है।
आरएस पुरा के ड्रग पैडलर का महल जमींदोज
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, नशा तस्करों के खिलाफ इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ में उन लोगों को टारगेट किया गया है जिन्होंने ड्रग्स बेचकर करोड़ों की अवैध संपत्तियां जुटाई हैं।
- जम्मू के बेलिचरना (निक्की तवी) इलाके में एक बड़े नशा तस्कर शैंपदीन उर्फ पप्पी का घर ध्वस्त कर दिया गया। यह तस्कर मूल रूप से आरएस पुरा (RS Pura) के सीमावर्ती इलाके सुचेतगढ़ का रहने वाला है और फिलहाल जेल में बंद है।
- पुलिस के अनुसार, इस तस्कर ने नशे के काले कारोबार से जो भी पैसा कमाया था, उसी से सरकारी जमीन पर यह अवैध कब्जा कर संपत्ति खड़ी की थी। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है।
- इसके अलावा, प्रशासन ने मीरान साहब के एक अन्य तस्कर अब्दुल हमीद उर्फ मिट्ठू की करोड़ों की संपत्ति को भी इसी अभियान के तहत जमींदोज कर दिया है।
150 से ज्यादा संपत्तियों पर एक्शन, 100 दिन का अल्टीमेटम
नशे के खिलाफ यह बुलडोजर एक्शन कोई आम कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर को नशा मुक्त बनाने के एक बड़े विजन का हिस्सा है।
- 11 अप्रैल को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 100 दिनों के ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ की शुरुआत की थी।
- उन्होंने पुलिस महकमे को साफ अल्टीमेटम दिया था कि हर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में टॉप ड्रग तस्करों की लिस्ट बनाई जाए और 30 दिनों के भीतर उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया जाए।
- आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 1 साल के भीतर जम्मू संभाग में ड्रग तस्करों से जुड़ी 150 से अधिक संपत्तियों को या तो कुर्क (सीज) किया जा चुका है या फिर उन पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।
नशे के काले कारोबार पर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
इस पूरी कार्रवाई के दौरान इलाके को पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और आईटीबीपी के जवानों ने पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था, ताकि किसी भी तरह के विरोध या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासन का संदेश साफ है कि समाज में जहर घोलने वाले और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। तस्करों की संपत्तियों को नष्ट करने के साथ-साथ, प्रशासन उनके पासपोर्ट, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाइयां भी कर रहा है। जम्मू प्रशासन की यह बुलडोजर नीति अब नशा माफियाओं के मन में खौफ पैदा कर रही है।
