Chhattisgarh News:छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने राज्य की आर्थिक प्रगति और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा तय की है। जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, राज्यपाल का स्पष्ट मानना है कि जब तक स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन नहीं किया जाएगा, तब तक अर्थव्यवस्था को वह रफ्तार नहीं मिल सकती जिसकी छत्तीसगढ़ को जरूरत है। उन्होंने कृषि और वनोपज आधारित उत्पादन प्रणालियों में तकनीकी और आधुनिक बदलावों की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया है।
स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, कृषि उपजों और वनोपज से समृद्ध राज्य है। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि कच्चे माल को सीधे बाजार में बेचने के बजाय, उसका प्रसंस्करण करके नए और उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाने चाहिए। वनोपज या अनाज से सीधे उत्पाद बनाकर बेचने पर किसानों और वनवासियों को उनकी उपज का कई गुना अधिक दाम मिल सकेगा। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सीधा सुधार आएगा।
किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर मूल्य संवर्धन की इस प्रक्रिया से राज्य के युवाओं के लिए स्टार्टअप और लघु उद्योगों के क्षेत्र में असीम संभावनाएं खुलेंगी। इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं कि ग्रामीण स्तर पर छोटे प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जाएं ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर बन सके। राज्यपाल ने अधिकारियों और औद्योगिक संस्थाओं से भी अपील की है कि वे इस दिशा में ठोस कदम उठाएं और किसानों को मूल्य संवर्धन की तकनीक और उचित बाजार उपलब्ध कराने में पूरी मदद करें।
