Supreme Court Stray Dog Verdict:नई दिल्ली। देशभर में आवारा कुत्तों (Stray Dogs) की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट (Dog Bite) की लगातार सामने आ रही खतरनाक घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाएगा। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की बेंच ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद 29 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में राज्यों, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) की ओर से भी दलीलें पेश की गई थीं।
‘डॉग फीडर्स’ पर भी होगी सख्ती, प्रशासन को लगाई थी फटकार
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया था।
- डॉग फीडर्स की जिम्मेदारी: कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि अगर आवारा कुत्तों के किसी हमले में किसी को चोट लगती है या मौत होती है, तो इसके लिए नगर निकाय (Municipal Bodies) के साथ-साथ उन लोगों (डॉग फीडर्स) की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है जो इन कुत्तों को खाना खिलाते हैं।
- प्रशासन की नाकामी: कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन की विफलता पर नाराजगी जताते हुए कहा था, “हमारी टिप्पणियों को मजाक समझना गलत होगा। हम गंभीर हैं और जिम्मेदारी तय करने से पीछे नहीं हटेंगे, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में स्थानीय प्रशासन की विफलता साफ तौर पर सामने आई है।”
कैसे शुरू हुआ यह मामला?
इस मामले की शुरुआत 28 जुलाई 2025 को हुई थी, जब सुप्रीम कोर्ट ने देश में आवारा कुत्तों के हमलों और उनसे होने वाली मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया था।
- 11 अगस्त 2025 को कोर्ट ने दिल्ली-NCR से 8 हफ्ते के भीतर सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजने का सख्त आदेश दिया था।
- हालांकि, पशु प्रेमियों के विरोध के बाद 22 अगस्त 2025 को कोर्ट ने अपने आदेश में बदलाव किया और कहा कि जिन कुत्तों में रेबीज नहीं है और जो आक्रामक नहीं हैं, उन्हें नसबंदी (Sterilization) और टीकाकरण के बाद उसी इलाके में छोड़ा जा सकता है।
कोर्ट की कुछ अहम और सख्त टिप्पणियां
इस मामले की कई सुनवाइयों के दौरान कोर्ट ने बेहद दिलचस्प और सख्त टिप्पणियां की हैं:
कोर्ट ने नेशनल हाईवे, अस्पतालों और स्कूलों के आसपास से आवारा जानवरों को हटाने के सख्त निर्देश भी जारी किए थे। आज पूरे देश की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले पर टिकी हुई हैं।
‘कुत्तों को महान साबित न करें’: 9 जनवरी 2026 की सुनवाई में जब एक वकील ने दिल्ली एम्स के ‘गोल्डी’ नाम के एक शांत कुत्ते का उदाहरण दिया, तो कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे कुत्तों को अच्छा या महान साबित करने की कोशिश न करें।
‘कुत्ते डर पहचान लेते हैं’: 8 जनवरी को जस्टिस नाथ ने अपने निजी अनुभव का हवाला देते हुए कहा था कि कुत्ते इंसानों का डर पहचान लेते हैं, इसलिए वे काटते हैं।
