Road Safety Chhattisgarh: ब्लैक स्पॉट की होगी मॉनिटरिंग, प्रदेश में लगे 150 EV चार्जिंग स्टेशन; मुख्य सचिव के सख्त निर्देश

Road Safety Chhattisgarh:रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए राज्य शासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सोमवार को मंत्रालय में आयोजित सड़क सुरक्षा (Road Safety) की एक अहम बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील (Chief Secretary Vikassheel) ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क हादसों को रोकने के लिए सभी समुचित और ठोस कार्रवाइयां तत्काल सुनिश्चित की जाएं। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-मोबिलिटी और घायलों के त्वरित उपचार पर विशेष जोर दिया गया।

ब्लैक स्पॉट सुधारने पर विशेष जोर

मुख्य सचिव ने सड़कों पर मौजूद उन खतरनाक जगहों (Black Spots) को लेकर सख्त रवैया अपनाया जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।

  • नियमित मॉनिटरिंग: उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और वहां आवश्यक सुधार कार्य तत्काल किए जाएं।
  • विभागीय समन्वय: हादसों की आशंका को जड़ से खत्म करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़कों की स्थिति सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन

बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े कानूनी और राष्ट्रीय मानकों की भी समीक्षा की गई:

  • माननीय सर्वाेच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा फलोदी एवं रंगा रेड्डी सड़क दुर्घटना मामलों में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा हुई।
  • मुख्य सचिव ने सुप्रीम कोर्ट की ‘कमेटी ऑन रोड सेफ्टी’ के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा।
  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी सड़क दुर्घटना रेस्क्यू से संबंधित एसओपी (SOP) पर भी चर्चा की गई।

ई-मोबिलिटी: 150 स्थानों पर लगे EV चार्जिंग स्टेशन

इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए ‘पीएम ई-ड्राइव योजना’ (PM E-Drive Yojana) की प्रगति की भी जानकारी ली गई।

  • अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 150 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, जिन पर सब्सिडी भी दी जा रही है।
  • मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि निर्धारित स्थलों पर तत्काल नए ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के काम में और तेजी लाई जाए।

‘पीएम राहत योजना’: घायलों को मिलेगा कैशलेस इलाज

सड़क दुर्घटनाओं में जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए ‘गोल्डन आवर’ में इलाज सबसे अहम है।

  • कैशलेस उपचार: ‘प्रधानमंत्री राहत योजना’ (PM Rahat Yojana) के तहत घायलों का अस्पताल में कैशलेस उपचार किया जाता है।
  • अब तक 282 पंजीकरण: बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत अब तक 282 सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार के लिए पंजीकरण किया जा चुका है।
  • मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग, गृह-पुलिस, परिवहन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ समन्वय से काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि योजना को और प्रभावी बनाया जा सके।

इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन विभाग के सचिव एवं आयुक्त श्री एस. प्रकाश, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता सहित पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।