Sushasan Tihar 2026:रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक मई से दस जून तक चलाया जा रहा ‘सुशासन तिहार’ यानी सुशासन महोत्सव, राज्य के किसानों और आम ग्रामीणों के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। इस राज्यव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकार और जनता के बीच की दूरी को खत्म करना और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।
गांव-गांव में लग रहे समाधान शिविर
सुशासन महोत्सव के तहत पूरे प्रदेश की ग्राम पंचायतों में जन-समस्या समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में खुद मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहकर आम लोगों और किसानों की समस्याएं सुन रहे हैं।
- त्वरित समाधान: शिविरों में प्राप्त हो रहे आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। किसानों को बीज, कृषि उपकरण, और खाद संबंधी समस्याओं से तुरंत राहत मिल रही है।
- योजनाओं का सीधा लाभ: ग्रामीण महिलाओं, श्रमिकों और बुजुर्गों को राशन कार्ड, श्रम कार्ड, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटे मिल रहा है।
किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा अभियान
कृषि प्रधान राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए यह अभियान किसी वरदान से कम नहीं है। शिविरों के मंच पर सैकड़ों किसानों की समस्याओं का सीधा समाधान किया जा रहा है। इसके अलावा, कई जिलों के क्लस्टर्स में हजारों की संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निराकरण किया जा चुका है।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक आवेदन का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए और आवेदकों से संतुष्टि का फीडबैक भी लिया जाए। शासन की इस संवेदनशील और जनहितैषी कार्यशैली से ग्रामीणों और किसानों में सरकार के प्रति एक नया विश्वास और संतुष्टि का माहौल पैदा हुआ है।
