MGNREGA Water Conservation:छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर को सुधारने और ग्रामीणों को उनके ही गांव में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। जनसंपर्क विभाग (DPRCG) की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राजधानी रायपुर (Raipur) में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत जल संरक्षण (Water Conservation) का एक व्यापक और विशाल अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान न केवल पर्यावरण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका को भी एक नई ऊर्जा और गति मिल रही है।
जल संरक्षण से संवर रहा गांवों का भविष्य
मनरेगा के इस महा-अभियान के तहत गांवों में बारिश के पानी को सहेजने और भूजल स्तर (Groundwater Level) को रिचार्ज करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं।
- प्रमुख कार्य: इस अभियान के अंतर्गत गांवों में नए तालाबों का गहरीकरण, चेक डैम, स्टॉप डैम, अमृत सरोवर और जल संचयन के विभिन्न स्ट्रक्चर्स का निर्माण किया जा रहा है।
- कृषि में लाभ: जल संरक्षण के इन कार्यों से बारिश का पानी गांवों में ही रुक रहा है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है और कृषि उत्पादन में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
रोजगार और आजीविका को मिला नया बल
इस अभियान का सबसे बड़ा और सकारात्मक पहलू ग्रामीण रोजगार (Rural Employment) है।
- पलायन पर रोक: गांवों में ही बड़े पैमाने पर जल संरक्षण के कार्य शुरू होने से स्थानीय ग्रामीणों, मजदूरों और महिलाओं को काम के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ रहा है।
- आर्थिक सशक्तिकरण: ग्रामीणों को उनके घर के पास ही मनरेगा के तहत नियमित रोजगार मिल रहा है, जिससे उनके परिवारों की आजीविका (Livelihood) सुरक्षित हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
प्रशासन की इस पहल से जहां एक ओर जल संकट का स्थायी समाधान निकल रहा है, वहीं दूसरी ओर रोजगार सृजन के जरिए ग्रामीण छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
