मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा ने आसान की बस्तर के दूरस्थ इलाकों की राह

रायपुर।

बस्तर संभाग के दूरदराज और वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू की गई श्मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजनाश् आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इंद्रावती नदी के सुरम्य तट और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बिनता घाटी की वादियों में बसा ग्राम भेजा सहित क्षेत्र के अन्य गांव, जो कभी भौगोलिक दुर्गमता और माओवाद के साए के कारण विकास की मुख्यधारा से कटे हुए थे, वहां यह बस सेवा पिछले एक साल से सफलता और निरंतरता के साथ संचालित की जा रही है। बस्तर जिले के जिला मुख्यालय जगदलपुर से मारडूम होकर अंतिम छोर पर स्थित ग्राम भेजा तक बीते एक वर्ष से नियमित रूप से चल रही इस यात्री बस ने पूरे क्षेत्र में विकास, सुरक्षा और सामाजिक जुड़ाव का एक मजबूत पुल तैयार किया है।

 सुदूर इलाके के इस मार्ग पर चलने वाली बस से कस्तूरपाल निवासी सीबोराम और दशरू करटम, मटनार निवासी बाबूलाल तथा बिनता के अरुण कुमार जैसे ग्रामीण पिछले एक साल से नियमित यात्रा कर रहे हैं। इन यात्रियों का कहना है कि दशकों तक नक्सल प्रभाव और साधनों की कमी के कारण ग्रामीणों को मीलों पैदल चलना पड़ता था या फिर निजी वाहनों पर भारी रकम खर्च करनी पड़ती थी, जिससे बीमारी या अन्य जरूरी कामों के समय शहर पहुंचना बेहद मुश्किल था। बीते एक साल में इस नियमित बस सेवा ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है। अब तय समय-सारणी के अनुसार बस मिलने से न केवल सुरक्षित, सुलभ और किफायती सफर मिल रहा है, बल्कि बाजार-हाट, अस्पताल, कॉलेज और जरूरी शासकीय कामकाज के लिए जिला मुख्यालय आना-जाना बहुत सहज हो गया है। एक साल के इस सफल सफर ने बिनता घाटी और इंद्रावती तट के ग्रामीणों में नया भरोसा जगाया है और स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति दी है।