CG Govt Fuel Saving Rules:रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सभी मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए सरकारी वाहनों के उपयोग को लेकर सख्त ‘ईंधन बचत नियम‘ जारी किए हैं।
वित्त विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब सरकारी गाड़ियों के बेवजह इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगेगी और हर महीने मिलने वाले फ्यूल कोटे को भी सीमित किया जा रहा है।
क्या हैं नए नियम?
सरकार की ओर से जारी आदेश में निम्नलिखित बातों पर मुख्य रूप से जोर दिया गया है:
- फ्यूल लिमिट तय: मंत्रियों और आला अफसरों की गाड़ियों के लिए पेट्रोल-डीजल की मासिक लिमिट तय कर दी गई है। इस लिमिट से ज्यादा ईंधन खर्च करने पर स्पष्टीकरण देना होगा और विशेष अनुमति लेनी होगी।
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा: अंतर-विभागीय और जिला स्तर की बैठकों के लिए अधिकारियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इसके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल अनिवार्य किया जा रहा है।
- कारपूलिंग की सलाह: एक ही दिशा या एक ही कार्यक्रम में जाने वाले अधिकारियों को अलग-अलग गाड़ियों के बजाय ‘कारपूल’ (Carpooling) यानी एक ही गाड़ी में जाने के निर्देश दिए गए हैं।
- ईवी (EV) का इस्तेमाल: सरकार का फोकस अब पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) के उपयोग पर है। नए वाहन खरीदते समय ईवी को प्राथमिकता दी जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
राज्य सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य वजह बढ़ते ईंधन के दाम और सरकारी खजाने पर पड़ रहा अतिरिक्त बोझ है। इसके अलावा, कार्बन एमिशन को कम करने और आम जनता के बीच ईंधन बचत का एक सकारात्मक संदेश देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है।
