छत्तीसगढ़ को एक बड़ा औद्योगिक हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपने कदम और तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने हैदराबाद (तेलंगाना) में आयोजित CG Investor Connect Meet में हिस्सा लिया। इस मेगा इवेंट का मुख्य उद्देश्य देश और दुनिया के दिग्गज उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में निवेश करने और फैक्ट्री लगाने के लिए आमंत्रित करना था।
मुख्यमंत्री ने हैदराबाद की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और आधुनिक उद्योगों के विकास का खाका पेश किया और निवेशकों को राज्य में बेहतरीन सुविधाओं का भरोसा दिलाया।
निवेशकों के लिए रेड कारपेट और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हैदराबाद की शीर्ष मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs), विशेषकर आईटी और फार्मास्यूटिकल सेक्टर के सीईओ और डायरेक्टर्स से सीधी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने मंच से एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में छोटे-बड़े हर निवेशक का ‘रेड कारपेट’ बिछाकर शाही स्वागत किया जाएगा।
- निवेशकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
- ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत सभी जरूरी क्लीयरेंस और सुविधाएं एक ही जगह (सिंगल विंडो) पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ में निवेशकों की ग्रोथ स्टोरी शानदार रहेगी, आइए आपका स्वागत है।”
नई औद्योगिक नीति का कमाल, 8 लाख करोड़ के प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ सरकार का फोकस अब केवल कोयला और लोहा जैसे पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि नए जमाने के उद्योगों पर भी जोर दिया जा रहा है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30) ने निवेश के लिए एक अत्यंत अनुकूल वातावरण तैयार किया है, जो रोजगार और आर्थिक प्रगति को नई गति दे रहा है।
सुशासन और त्वरित फैसलों का ही नतीजा है कि छत्तीसगढ़ सरकार को अब तक अलग-अलग इन्वेस्टर कनेक्ट प्रोग्राम्स (अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, जापान, दक्षिण कोरिया) के जरिए 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। यह आंकड़ा छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम भविष्य की ओर एक बड़ा इशारा है।
