Fake Medicine Racket: इंदौर से छत्तीसगढ़ तक फैला था नकली दवाओं का जाल, पुलिस ने किया भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

Fake Medicine Racket

राजधानी रायपुर में पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त कार्रवाई में Fake Medicine Racket (नकली दवाओं के रैकेट) का भंडाफोड़ हुआ है। यह अंतर्राज्यीय नेटवर्क मध्य प्रदेश के इंदौर से लेकर छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ और भाटापारा तक फैला हुआ था। पुलिस ने इस मामले में इंदौर के मुख्य सप्लायर सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें सोमवार को अदालत में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

गोगांव ट्रांसपोर्ट हब से खुला राज

इस पूरे काले कारोबार का पर्दाफाश तब हुआ जब रायपुर के गोगांव स्थित एक ट्रांसपोर्ट हब में नकली दवाओं की एक बड़ी खेप पकड़ी गई।

  • ड्रग विभाग की शुरुआती जांच में पता चला कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली ये दवाएं सीधे मध्य प्रदेश के इंदौर से छत्तीसगढ़ भेजी गई थीं।
  • मजबूत सुराग मिलने के बाद विभाग ने सारंगढ़ और भाटापारा के संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
  • इन छापों में भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद की गईं, जिन्हें सीधे आम जनता तक खपाने की तैयारी चल रही थी।

Fake Medicine Racket के 3 मुख्य किरदार सलाखों के पीछे

पुलिस ने इस खतरनाक सिंडिकेट को चलाने वाले 3 अहम चेहरों को गिरफ्तार कर लिया है:

  • रोचक अग्रवाल: यह आरोपी इंदौर से दवाओं की सप्लाई करने वाली मुख्य कड़ी है।
  • खेमराम बानी: यह सारंगढ़ का मेडिकल स्टोर संचालक है, जो इन दवाओं को अपने स्टोर के जरिए बेचता था।
  • सुरेंद्र कुमार: यह भाटापारा का मेडिकल स्टोर संचालक है और नेटवर्क का अहम हिस्सा था।

मुनाफे के लिए मरीजों की जान से खिलवाड़

जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी इंदौर से बेहद कम कीमत पर नकली दवाएं मंगवाते थे। इसके बाद उन्हें स्थानीय मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से मरीजों को ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। इस रैकेट का दायरा कितना बड़ा है, इसे लेकर पुलिस अब गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि रायपुर और प्रदेश के अन्य किन-किन शहरों में इन नकली दवाओं को सप्लाई किया गया है ताकि बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जा सके।