नई दिल्ली ।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज के तीसरे और चौथे मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत हासिल की है। सीरीज का तीसरा मैच इंदौर में खेला गया। यहां भारत ने सफलतापूर्वक लक्ष्य का बचाव किया। इसके बाद हैदराबाद में वेस्टइंडीज की टीम लक्ष्य का बचाव करने में सफल रही। दोनों मुकाबलों में टॉस जीतने वाले कप्तानों ने बिना कुछ सोचे पहले गेंदबाजी का फैसला किया था और दोनों को हार का सामना करना पड़ा।भारत में ठंड के मौसम में शाम के समय ओस गिरती है। इसी वजह से बाद में गेंदबाजी करना मुश्किल होता है। यही वजह है कि डे नाइट वनडे मैच या शाम के समय टी20 मैच में टॉस जीतने वाली टीम हमेशा ही पहले गेंदबाजी करना पसंद करती है। आंकड़े भी यही कहते हैं कि टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना बेहतर है। हालांकि, पिछले दो मैच से पहले गेंदबाजी करना उल्टा पड़ रहा है और टॉस जीतने वाले कप्तान मैच हार रहे हैं। वेस्टइंडीज के इसी दौरे में इससे पहले 5 मैचों में टॉस जीतने वाली टीम ने पहले बॉलिंग करते हुए मैच भी जीता था।
तीसरे टी20 में क्या हुआ?
तीसरे टी20 में वेस्टइंडीज ने इंदौर में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ने सभी विकेट खोकर 223 रन का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम शुरुआत में संभलकर खेली और ओस गिरने का इंतजार किया, क्योंकि तब बल्लेबाजी आसान होती है। हालांकि, इस मैच में ओस गिरी ही नहीं और अंत में वेस्टइंडीज की टीम 209 रन ही बना पाई। तेजी से रन बनाने की कोशिश में 7 विकेट भी गिर गए, लेकिन लक्ष्य नहीं हासिल हुआ। भारत के लिए नमन धीर और अक्षर की स्पिन जोड़ी ने 6 ओवर में 3 विकेट निकाले। अगर ओस आती तो इन दोनों के लिए कुल 6 ओवर की गेंदबाजी करना ही मुश्किल हो जाता।
चौथे टी20 में क्या हुआ?
चौथे टी20 में भारत ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। हैदराबाद में शाई होप के शतक और रदरफोर्ड के 49 रन के दम पर वेस्टइंडीज ने 247 रन बना दिए। कैरिबियाई टीम पर कोई दबाव नहीं था। ऐसे में सभी ने खुलकर बल्लेबाजी की। भारत के लिए संजू ने बेहतरीन शुरुआत की, लेकिन बाद में स्लोअर गेंदे विकेट पर रुक कर आ रही थीं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने में परेशानी हुई। कई बल्लेबाज बड़े टारगेट के दबाव में गलत शॉट खेलकर भी आउट हुए। तिलक वर्मा का विकेट स्लोअर बॉल में ही गिरा, जहां से मैच का रुख बदल गया।
बेंगलुरू में क्या होगा सही फैसला?
बेंगलुरु में टॉस जीतकर सीधे गेंदबाजी करना सही फैसला नहीं कहा जा सकता। टॉस जीतने वाले कप्तान को अपनी रणनीति के अनुसार फैसला करना होगा। हैदराबाद में भारत ने पहले गेंदबाजी की थी, लेकिन कुलदीप को टीम में नहीं शामिल किया। यहां अगर भारत पहले बॉलिंग करता है तो टीम में एक अटैकिंग स्पिनर रखना जरूरी होगा। वहीं, इसी टीम के साथ जाने पर भारत बाद में गेंदबाजी कर सकता है और वेस्टइंडीज को स्कोरबोर्ड के दबाव में डालकर मैच जीतने की कोशिश कर सकता है।
