नकटी गांव मामले पर सियासत तेज, धनेंद्र साहू का सरकार पर हमला

रायपुर । नकटी गांव में हुई कथित कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गरीबों के मकानों पर की गई तोड़फोड़ पूरी तरह अवैधानिक है।

धनेंद्र साहू ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में पीड़ितों के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई कानून के दायरे से बाहर है और इससे लोगों के अधिकारों का हनन हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह के रूप में दर्ज है, लेकिन वास्तविकता में यह किसानों की लगानी भूमि है। उनके अनुसार, सरकार को उस जमीन पर अधिकार नहीं है और यह कार्रवाई न्यायालय में टिक नहीं पाएगी।

भाजपा पर निशाना साधते हुए धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि पार्टी विकास के बजाय राजनीतिक उपयोग में लगी है। उन्होंने कहा कि यदि भ्रष्टाचार के आरोप हैं तो सरकार को जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

भाजपा के चिंतन शिविर को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्होंने तंज कसा कि वहां नेताओं को “भ्रष्टाचार की ट्रेनिंग” दी जाती है। वहीं, उन्होंने प्रदेश सरकार पर कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि विभिन्न कर्मचारी संगठन लंबे समय से असंतुष्ट हैं।

स्कूलों में मंत्रोच्चार से जुड़े मामले पर हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है, न कि बच्चों पर अतिरिक्त बोझ डालने की।

कुल मिलाकर, नकटी गांव मामला अब राजनीतिक तकरार का केंद्र बन गया है और कांग्रेस ने इसे कानूनी लड़ाई तक ले जाने की बात कही है।

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