रायपुर। नक्सल प्रभावित सुकमा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। विकासखंड सुकमा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। इसके साथ ही जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्र राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल करने वाले संस्थानों की सूची में शामिल हो गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार केंद्र ने भारत सरकार के राष्ट्रीय मूल्यांकन में 93.04 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। यह उपलब्धि कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रयासों का परिणाम है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मणीन्द्र कुर्रे, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक रेणूका सूना, माड़वी हिड़मा और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका भी इसमें अहम रही।
एनक्वास प्रमाणपत्र केवल उन स्वास्थ्य संस्थानों को दिया जाता है, जो गुणवत्ता के तय मानकों पर खरे उतरते हैं। मूल्यांकन के दौरान मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों का उपचार, प्रयोगशाला सेवाएं और स्वास्थ्य प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं की जांच की जाती है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 आधुनिक प्रसव कक्ष, सुसज्जित प्रयोगशाला और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से सुसज्जित है। यहां लगभग 7,417 ग्रामीणों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में जिले की स्वास्थ्य अधोसंरचना लगातार मजबूत की जा रही है। आयुष्मान भारत सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं। प्रशासन का मानना है कि सुकमा की यह उपलब्धि दर्शाती है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति और स्वास्थ्यकर्मियों की समर्पित सेवा से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
