रायपुर। राजधानी रायपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद हुए बवाल में पुलिस ने कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस बल पर पत्थर, कांच की बोतलें, लकड़ी और जूते फेंके, जिससे 16 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए। मामला खम्हारडीह थाना प्रभारी की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन का घेराव करने का कार्यक्रम रखा था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ गई।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और फिर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान पीएसआई देवराज सिंह के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि महिला आरक्षक सीमा बंजारे सहित कुल 16 पुलिसकर्मी घायल हुए। सभी घायलों का उपचार कराया गया।
घटना के बाद देर रात रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी भी ली।
पुलिस ने इस मामले में सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खुबी डहरिया, सागर दुल्हानी, अजीज भिंसरा और अमित तिवारी सहित अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस ने लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके अगले दिन भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव का ऐलान किया, जिसके दौरान दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
