दिल्ली। शेयर बाजार में मंगलवार को कमजोरी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक गिरकर 77,300 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 100 अंक टूटकर 24,150 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर रहा, जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बने रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल करीब 2% चढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान को लेकर दिए गए बयान के बाद तेल बाजार में फिर तेजी आई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
प्राथमिक बाजार में भी हलचल है। मंगलवार से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के आईपीओ निवेशकों के लिए खुल गए हैं। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लगभग 9,813 करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है, जबकि अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड 126.25 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू लेकर आई है।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग सभी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं, सोमवार को अमेरिकी बाजारों में भी डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 लाल निशान में बंद हुए थे।
विदेशी और घरेलू निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले सात दिनों में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 7,039 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है, जबकि विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां सीमित रहीं। उल्लेखनीय है कि सोमवार को सेंसेक्स 47 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,616 और निफ्टी 24,211 पर लगभग सपाट बंद हुआ था, लेकिन मंगलवार को वैश्विक संकेतों के दबाव में बाजार में फिर बिकवाली हावी हो गई।
