US Iran Conflict De-escalation:वैश्विक तेल बाजार में बुधवार को बड़ी उथल-पुथल देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित समझौते की खबरों के बाद तेल की कीमतों में 7% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। यह समझौता क्षेत्र में तनाव कम करने और होर्मुज स्ट्रेट से तेल के प्रवाह को फिर से सामान्य करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
व्हाइट हाउस और तेहरान के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग मीडिया रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस ईरान के साथ एक पेज के मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर डील के करीब पहुंच रहा है। एक्सियोस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष और तनाव को खत्म करना है। वाशिंगटन को उम्मीद है कि अगले 48 घंटों के भीतर तेहरान इस प्रस्ताव पर अपना सकारात्मक जवाब देगा। इसे युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों पक्षों के बीच सबसे करीबी एग्रीमेंट बताया जा रहा है।
ईरानी विदेश मंत्रालय का रुख ईरान की ISNA न्यूज एजेंसी के हवाले से ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि तेहरान अमेरिकी प्रस्ताव का विस्तृत अध्ययन कर रहा है और जल्द ही अपना आधिकारिक जवाब देगा। ईरान का यह रुख बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जिससे निवेशकों को उम्मीद है कि लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक तनाव अब थम सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट की वैश्विक अहमियत मार्केट होर्मुज स्ट्रेट के आसपास होने वाले किसी भी घटनाक्रम को लेकर हमेशा संवेदनशील रहा है। यह समुद्री रास्ता दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऑयल चोकपॉइंट है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% या पांचवां हिस्सा गुजरता है। समझौते की आहट से इस रास्ते पर सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होगा।
