मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बिना किसी पूर्व चेतावनी के ईरान के एक प्रमुख युद्धपोत को निशाना बनाकर समुद्र में डुबो दिया गया है। इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में एक पूर्णकालिक महायुद्ध की आशंकाओं को कई गुना बढ़ा दिया है।
बिना चेतावनी के Iran warship IRIS Dena पर हमला
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे भीषण युद्ध ने अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी नौसेना के सबसे उन्नत और महत्वपूर्ण ‘Iran warship IRIS Dena’ (फ्रिगेट) को एक अचानक हुए हमले में पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। यह हमला इतना अचूक और तेज था कि युद्धपोत के क्रू को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस हमले के पीछे स्पष्ट रूप से इजरायल और अमेरिका के गठजोड़ को जिम्मेदार माना जा रहा है।
अब्बास अरागची की अमेरिका को खुली चेतावनी
इस विध्वंसक घटना के बाद तेहरान का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ईरान के वरिष्ठ नेता और विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अरागची ने सीधे तौर पर वाशिंगटन को निशाने पर लेते हुए कहा है कि अमेरिका को इस भयंकर कृत्य का भारी पछतावा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान अपनी संप्रभुता और सैन्य संपत्तियों पर हुए इस हमले का बिना किसी संकोच के कड़ा जवाब देगा, जिससे पूरे क्षेत्र में तबाही मच सकती है।
भारतीय नौसेना का खास मेहमान था यह युद्धपोत
आपको बता दें कि ‘Iran warship IRIS Dena’ कोई साधारण नौसैन्य जहाज नहीं था। यह ईरानी नौसेना की स्वदेशी तकनीक और ताकत का एक प्रमुख प्रतीक था। इसका भारत के साथ भी एक कूटनीतिक जुड़ाव रहा है। यह युद्धपोत पूर्व में भारतीय नौसेना के बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों (जैसे मिलन अभ्यास) में एक सम्मानित ‘मेहमान’ के तौर पर शामिल हो चुका था और मुंबई पोर्ट पर भी डॉक कर चुका था। इस युद्धपोत के नष्ट होने से लाल सागर और फारस की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताएं और गहरी हो गई हैं।
