मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और अमेरिका के साथ शांति वार्ता की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं। अमेरिका के साथ दूसरे दौर की वार्ता की अटकलों के बीच ईरान का एक बेहद सख्त और स्पष्ट बयान सामने आया है। ईरानी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर बैठने की अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका को अपना सीधा ‘दुश्मन’ करार देते हुए कहा है कि उन्हें वाशिंगटन पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है।
दुश्मन पर कोई भरोसा नहीं, सेना युद्ध के लिए तैयार
शांति वार्ता की चर्चाओं के बीच ईरान अपनी सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरतना चाहता।
- ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने प्रेस टीवी के हवाले से एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान को दुश्मन पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।
- गालिबफ ने कहा कि अभी भी जब हम यहां बैठे हैं, युद्ध किसी भी पल छिड़ सकता है।
- उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के सशस्त्र बल जमीन पर पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार हैं।
- संसद अध्यक्ष ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि जारी बातचीत के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही बरती जा रही है। उनका मानना है कि बातचीत के नाम पर सेनाएं अपनी तैयारी कम नहीं कर सकतीं।
वार्ता की कोई तारीख तय नहीं, अतिवादी मांगें मंजूर नहीं
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का दूसरा दौर कब और कहां होगा, इस पर असमंजस बरकरार है।
- ईरानी उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादह ने अल जजीरा से बातचीत में साफ किया है कि दूसरे चरण की वार्ता के लिए कोई भी तारीख निर्धारित नहीं की गई है।
- उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका बातचीत की आड़ में फिर से किसी तरह की अतिवादी मांग रखता है, तो उसे मानना ईरान के लिए किसी भी कीमत पर संभव नहीं होगा।
- इससे पहले एक पाकिस्तानी चैनल ने दावा किया था कि अमेरिका-ईरान वार्ता का दूसरा दौर इस्लामाबाद में अगले सप्ताह के अंत में हो सकता है, लेकिन रविवार तक इस बात के कोई संकेत नहीं मिले, जिससे यह तय है कि फिलहाल वार्ता की कोई गुंजाइश नहीं है।
यूरोपीय संघ पर भड़का ईरान, बताया ‘चरम पाखंड’
अमेरिका के साथ तनातनी के बीच ईरान ने यूरोपीय संघ (EU) को भी कड़े शब्दों में जवाब दिया है।
- ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन को लेकर यूरोपीय संघ की अपील को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
- बगाई ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास के 17 अप्रैल के उस पोस्ट पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने ईरान से होर्मुज से जहाजों के लिए बिना शुल्क आवागमन सुनिश्चित करने का आह्वान किया था।
- बगाई ने इस अपील को खारिज करते हुए इसे पश्चिमी देशों का “चरम पाखंड” करार दिया।
आपको बता दें कि यह पूरा तनाव 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान में ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिनमें 3000 से अधिक लोग मारे गए थे। इसके बाद 8 अप्रैल को वाशिंगटन और तेहरान ने 2 सप्ताह के लिए युद्धविराम की घोषणा की थी। इस्लामाबाद में हुई शुरुआती बातचीत बेनतीजा रही, और अब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी है, जिससे मध्य पूर्व में एक बार फिर महायुद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
