CG Cabinet Decisions:छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य की जनता के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। 29 अप्रैल 2026 को हुई इस अहम बैठक (Cabinet Meeting) में महिला सशक्तिकरण और पूर्व सैनिकों के सम्मान में बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। सरकार के इन फैसलों से सीधे तौर पर मध्यम वर्ग, महिलाओं और रक्षा क्षेत्र से जुड़े परिवारों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने पर 50 प्रतिशत की बंपर छूट
कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और अहम फैसला महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर रहा।
- राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब महिलाओं के नाम पर मकान, जमीन या किसी भी अचल संपत्ति (Property) की रजिस्ट्री कराने पर रजिस्ट्रेशन शुल्क (Registration Fee) में सीधे 50 प्रतिशत की भारी छूट दी जाएगी।
- सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति का मालिकाना हक दिलाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत व स्वतंत्र बनाना है।
- इस बड़े फैसले से राज्य सरकार के खजाने पर लगभग 153 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार (राजस्व हानि) आएगा, लेकिन सरकार ने इसे महिलाओं के सुनहरे भविष्य के लिए एक जरूरी निवेश माना है।
पूर्व सैनिकों और विधवाओं को स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की राहत
महिलाओं के अलावा, विष्णु देव साय सरकार ने देश की रक्षा करने वाले जवानों और उनके परिवारों के लिए भी 1 बड़ी राहत का ऐलान किया है।
- कैबिनेट ने रक्षा कर्मियों, पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) और शहीद जवानों की विधवाओं के लिए संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) में 25 प्रतिशत की रियायत देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
- इस योजना का लाभ उठाने के लिए 1 शर्त यह है कि यह विशेष छूट जीवन में केवल एक बार (Once in a lifetime) ही मिलेगी।
- साथ ही, यह छूट राज्य के भीतर 25 लाख रुपये तक के मूल्य वाली संपत्ति (जमीन या भवन) की खरीद पर ही लागू होगी।
रियल एस्टेट सेक्टर को भी मिलेगा बड़ा बढ़ावा
आर्थिक जानकारों का मानना है कि विष्णु देव साय सरकार के इन अहम फैसलों से न सिर्फ महिलाओं और सैनिकों को फायदा होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट (Real Estate) और प्रॉपर्टी बाजार में भी भारी उछाल आएगा। रजिस्ट्रेशन फीस कम होने से लोग अधिक संख्या में संपत्तियों की खरीद-बिक्री के लिए आगे आएंगे, जिससे ट्रांजेक्शन कॉस्ट कम होगी और औपचारिक संपत्ति पंजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
