Infosys Share Price:शेयर बाजार (Share Market) हमेशा सिर्फ वर्तमान आंकड़ों पर नहीं, बल्कि भविष्य की उम्मीदों पर काम करता है। शुक्रवार को भारतीय आईटी दिग्गज इंफोसिस (Infosys) के शेयरों के साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ। कंपनी ने मार्च तिमाही के लिए बेहद शानदार नतीजे पेश किए, लेकिन इसके बावजूद बीएसई (BSE) पर इंफोसिस का स्टॉक 6 प्रतिशत से अधिक टूटकर ₹1158.25 के 52 हफ्ते के निचले स्तर (52-week low) पर पहुंच गया। सिर्फ भारतीय बाजार ही नहीं, अमेरिकी बाजार में भी कंपनी का एडीआर (ADR) करीब 4 प्रतिशत गिर गया। आखिर मुनाफे के बाद भी ऐसा क्या हुआ जिसने निवेशकों का भरोसा हिला दिया? आइए इसका पूरा वित्तीय विश्लेषण (Financial Analysis) करते हैं।
मजबूत Q4 नतीजे बनाम बाजार की निराशा
अगर हम इंफोसिस के वित्तीय परिणामों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वे काफी मजबूत दिखाई देते हैं।
- कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) 21 प्रतिशत की छलांग के साथ ₹8501 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹7033 करोड़ था।
- कंपनी के रेवेन्यू में भी 13.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹46402 करोड़ हो गया।
- ऑपरेटिंग लेवल पर EBITDA ₹9743 करोड़ रहा और मार्जिन करीब 21 प्रतिशत पर पहुंच गया।
इन दमदार आंकड़ों के बावजूद, बाजार ने इन नतीजों को नकार दिया। इसका मुख्य कारण वह नजरिया है जिसे शेयर बाजार में ‘फ्यूचर गाइडेंस’ (Future Guidance) कहा जाता है।
शेयर क्रैश होने के मुख्य कारण: कमजोर गाइडेंस और AI का डर
इंफोसिस के शेयर गिरने के पीछे दो सबसे बड़े कारण रहे हैं:
- कमजोर ग्रोथ गाइडेंस: कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) के लिए सिर्फ 1.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान (Guidance) दिया है। यह आंकड़ा निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की उम्मीदों से काफी कम है। बाजार को भविष्य में कंपनी की आय सीमित नजर आ रही है।
- डिमांड में सुस्ती और AI का प्रभाव: ब्रोकरेज फर्म्स के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण वैश्विक कंपनियां अपनी आईटी लागत कम करने पर जोर दे रही हैं। क्लाइंट्स अब आईटी बजट खर्च करने को लेकर सतर्क हैं, जिससे नई डील्स मिलने की रफ्तार धीमी हो गई है।
निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह?
भारी गिरावट के बीच, इंफोसिस ने अपने निवेशकों को राहत देते हुए ₹25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) का ऐलान किया है। इससे पहले दिए गए ₹23 के इंटरिम डिविडेंड को मिलाकर अब निवेशकों को कुल ₹48 प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा।
शेयर के भविष्य को लेकर ब्रोकरेज फर्म्स की राय बंटी हुई है। कई फर्म्स ने लंबी अवधि के लिए ‘BUY’ (खरीदें) की रेटिंग तो बनाए रखी है, लेकिन टार्गेट प्राइस में कटौती कर दी है। उनका मानना है कि निकट भविष्य में आईटी सेक्टर पर दबाव रहेगा। वहीं, मोतीलाल ओसवाल जैसी फर्म ने ₹1450 के टार्गेट प्राइस के साथ खरीदारी की सलाह दोहराई है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल वित्तीय विश्लेषण के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, कृपया निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।)
