PM Modi Donald Trump Call: वार्ता फेल होने के बाद ट्रंप ने किया पीएम मोदी को फोन, 40 मिनट हुई बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन पर बात करते हुए प्रतीकात्मक चित्र

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद वैश्विक राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद अहम फोन कॉल (PM Modi Donald Trump Call) हुई है। दोनों दिग्गज नेताओं के बीच यह बातचीत करीब 40 मिनट तक चली, जिसे मौजूदा तनावपूर्ण हालात में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

PM Modi Donald Trump Call में क्या हुई चर्चा?

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को इस अहम फोन कॉल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात से पूरी तरह अवगत कराया।

  • इस बातचीत में ईरानी बंदरगाहों पर की जा रही अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का मुद्दा मुख्य रूप से शामिल था।
  • इसके अलावा, दोनों नेताओं ने इस तनावग्रस्त क्षेत्र में शांति बहाली की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
  • पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से यह दूसरी बार है जब दोनों नेताओं ने मौजूदा संकट पर सीधी बात की है।

इस साल 3 बार हो चुकी है फोन पर बात

यह इस साल की 3री बड़ी बातचीत है। इससे पहले पीएम मोदी और ट्रंप ने 2 फरवरी को ट्रेड डील पर और 24 मार्च को पश्चिम एशिया के हालात पर फोन पर बात की थी।

जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ था, तब अपनी पहली फोन कॉल में पीएम मोदी ने जल्द से जल्द शांति बहाल करने का पुरजोर समर्थन किया था। इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी देशों के व्यापार के लिए खुला और सुरक्षित रखने की भी उम्मीद जताई थी, क्योंकि भारत की ऊर्जा जरूरतें इसी समुद्री रास्ते पर निर्भर हैं।

इस्लामाबाद में वार्ता रही बेनतीजा

गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच फिलहाल एक अस्थायी संघर्ष विराम लागू है। इसी शांति को स्थाई बनाने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच करीब 21 घंटे तक मैराथन चर्चा हुई थी।

हालांकि, इतनी लंबी बातचीत के बावजूद कोई भी ठोस परिणाम नहीं निकल सका। इस नाकामी के बाद राष्ट्रपति ट्रंप का मूड काफी उखड़ा हुआ नजर आ रहा है और वह लगातार ईरान को तबाह करने की धमकियां दे रहे हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता कब और कैसे शुरू होती है।