Bilaspur to Delhi Flight:छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग के लोगों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। 3 मई से बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए सीधी विमान सेवा की शुरुआत हो रही है। यह खबर पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात है। खास बात यह है कि इस बार यात्रियों को ‘नाइट लैंडिंग’ की सुविधा के साथ शाम की फ्लाइट मिलेगी। इससे न सिर्फ यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि इस पूरे इलाके के व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को भी एक नई उड़ान मिलने की उम्मीद है।
क्या है नई फ्लाइट का शेड्यूल और टाइमिंग?
एलायंस एयर (Alliance Air) द्वारा यह सीधी विमान सेवा समर शेड्यूल के तहत शुरू की जा रही है।
- शुरुआती दौर में यह फ्लाइट सप्ताह में एक दिन यानी हर रविवार को उड़ान भरेगी।
- नई सेवा के तहत फ्लाइट शाम 6:20 बजे दिल्ली से उड़कर बिलासपुर पहुंचेगी।
- इसके बाद महज 25 मिनट के ठहराव के बाद, शाम 6:45 बजे यह विमान वापस दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा।
- लगभग 2 घंटे 40 मिनट की यात्रा के बाद यात्री रात 9:25 बजे सीधे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे।
5 साल बाद मिली नाइट लैंडिंग की परमिशन
बिलासपुर एयरपोर्ट से कमर्शियल विमान सेवा की औपचारिक शुरुआत एक मार्च 2021 को हुई थी, लेकिन नाइट लैंडिंग की सुविधा न होने के कारण यहां केवल दिन में ही उड़ानें संचालित हो पाती थीं।
- लगातार प्रयासों के बाद इसी साल 6 फरवरी 2026 को बिलासपुर एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग का लाइसेंस मिल गया है।
- डीजीसीए (DGCA) ने इस एयरपोर्ट को 3सी-वीएफआर से अपग्रेड कर 3सी-आईएफआर (3C-IFR) श्रेणी का लाइसेंस दे दिया है, जिससे अब रात के समय भी विमानों का सुरक्षित संचालन संभव हो गया है।
व्यापार और आम लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस शाम की विमान सेवा का सबसे बड़ा फायदा व्यापारियों, पेशेवरों और सरकारी अधिकारियों को होगा। लोग दिनभर अपना जरूरी काम निपटाने के बाद शाम को आराम से दिल्ली की यात्रा कर सकेंगे। शाम के समय तापमान भी कम रहता है, इसलिए विमान के वजन को लेकर कोई तकनीकी सीमा की समस्या नहीं आएगी और यह पूरी क्षमता के साथ उड़ान भर सकेगा।
वहीं, स्थानीय हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही मांग रखी है कि इस उड़ान को सप्ताह में एक दिन के बजाय कम से कम दो दिन (रविवार और बुधवार) संचालित किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्री इसका लाभ उठा सकें।
