CG News: बिलासपुर में पासपोर्ट बनवाना हुआ आसान, अब 15 दिन में होगा पुलिस वेरिफिकेशन, थाने के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

Bilaspur Passport Verification

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और आसपास के जिलों के आम नागरिकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अब पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर थानों के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुलिसिंग में सख्ती और पारदर्शिता लाते हुए पासपोर्ट सत्यापन को 15 दिनों के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

15 दिन में वेरिफिकेशन और ऑनलाइन सिस्टम पर जोर

बुधवार को आईजी रामगोपाल गर्ग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रेंज के सभी जिलों के एसपी की एक अहम बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने साफ कहा कि पुलिस के कामकाज में किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आम जनता की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए आईजी ने निर्देश दिए हैं कि पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाए। भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के नाम पर आवेदकों को अकारण थाने बुलाने की पुरानी प्रवृत्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के सख्त आदेश दिए गए हैं।

लंबित मामलों पर आईजी की सख्त नाराजगी

बैठक के दौरान रेंज में लंबित पड़े 2374 मर्ग (अस्वाभाविक मौत) के मामलों पर आईजी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी एसपी को निर्देश दिए कि खासकर साल 2024 से पहले के जितने भी लंबित मामले हैं, उन्हें तत्काल निकालकर निपटाया जाए। इसके अलावा, हत्या जैसे गंभीर और संवेदनशील मामलों में जांच में कोई देरी न हो, इसके लिए डीएनए जांच और एफएसएल रिपोर्ट को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

सुशासन तिहार और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर अहम फैसले

प्रदेश में 1 मई से 10 जून तक ‘सुशासन तिहार’ मनाया जा रहा है। आईजी रामगोपाल गर्ग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान के दौरान आम जनता की ओर से आने वाली हर शिकायत का निपटारा टॉप प्रायोरिटी पर होगा और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में कुछ अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए गए:

  • हाईवे पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिए हाईवे पेट्रोलिंग को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
  • माइनिंग क्षेत्रों में काम करने के लिए बाहर से आने वाले मजदूरों की एंट्री और मूवमेंट का रिकॉर्ड रखना अब अनिवार्य होगा।
  • दूसरे राज्यों में आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश देने जाने वाली पुलिस टीमों को तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा।

इस महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में रायगढ़, मुंगेली, कोरबा और सक्ती समेत रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) मौजूद रहे।