Solar Eclipse 12 August 2026:खगोल प्रेमियों और अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए साल 2026 एक यादगार वर्ष साबित होने वाला है। इस साल 12 अगस्त को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जो अपनी लंबी अवधि के कारण पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों का ध्यान खींच रहा है। फरवरी और मार्च के ग्रहणों के बाद अगस्त में होने वाली यह खगोलीय घटना असाधारण मानी जा रही है क्योंकि इसकी पूर्णता की अवधि सामान्य ग्रहणों से कहीं अधिक होगी।
आमतौर पर एक पूर्ण सूर्य ग्रहण लगभग 3 मिनट तक रहता है, लेकिन 12 अगस्त 2026 को होने वाले इस ग्रहण की कुल अवधि 6 मिनट 23 सेकंड की होगी। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) होगा, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढंकने के बजाय उसके बीच के हिस्से को कवर करेगा, जिससे आसमान में एक चमकती हुई अंगूठी जैसा नजारा दिखाई देगा।
ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से देखें तो यह ग्रहण कर्क राशि और आश्लेषा नक्षत्र के प्रभाव में घटित होगा। खगोलविदों के लिए यह डेटा एकत्र करने का एक बेहतरीन अवसर है, वहीं आम लोगों के लिए यह प्रकृति के अद्भुत स्वरूप को देखने का मौका होगा।
भारतीय समयानुसार यह ग्रहण 12 अगस्त 2026 की रात 09:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की सुबह 04:25 बजे तक चलेगा। चूंकि ग्रहण के समय भारत में रात होगी, इसलिए यह देश के किसी भी हिस्से में प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल केवल वहीं प्रभावी होता है जहां ग्रहण दिखाई देता है। चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल के नियम मान्य नहीं होंगे। मंदिर के कपाट खुले रहेंगे और पूजा-पाठ समेत सभी धार्मिक कार्यों पर कोई रोक नहीं रहेगी।
भारत के लोग भले ही इसे सीधे आसमान में न देख सकें, लेकिन आधुनिक तकनीक के माध्यम से इस घटना का आनंद लिया जा सकता है। नासा (NASA) की आधिकारिक वेबसाइट और विभिन्न लाइव स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर इस दुर्लभ नजारे का सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के लोग इस 6 मिनट 23 सेकंड के अद्भुत दृश्य के साक्षी बन सकेंगे।
