बाजार के लिए सोमवार 4 मई का दिन काफी हलचल भरा रहने वाला है

Market Factors 4 May 2026

30 अप्रैल (गुरुवार) को गिरावट के साथ बंद होने और शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस की छुट्टी के बाद, निवेशक कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर एक साथ प्रतिक्रिया देंगे। इसमें सबसे बड़ा कारक डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान होगा, जिसमें उन्होंने ईरान के शांति प्रस्ताव को ‘अस्वीकार्य’ बताते हुए खारिज कर दिया है।

नीचे शेयर बाजार की चाल तय करने वाले मुख्य कारकों का विश्लेषण दिया गया है:

1. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर ट्रंप का कड़ा रुख

ईरान द्वारा भेजे गए 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकरा दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान ने पिछले 47 वर्षों में मानवता के साथ जो किया है, उसकी उसने अभी पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। इस रुख से संकेत मिलते हैं कि मध्य पूर्व में युद्ध जैसी स्थितियां और भू-राजनीतिक तनाव जल्द खत्म नहीं होगा, जिसका असर वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों पर नकारात्मक पड़ सकता है।

2. टाटा टेक और बीएचईएल (BHEL) के चौथी तिमाही के नतीजे

दो दिग्गज कंपनियों ने सोमवार को अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं, जिसका असर उनके शेयरों पर दिखेगा:

  • BHEL: कंपनी के मुनाफे में जबरदस्त 156% का उछाल आया है। चौथी तिमाही में बीएचईएल का शुद्ध लाभ बढ़कर 1,290.47 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने 1.40 रुपये के लाभांश (Dividend) की भी घोषणा की है।
  • Tata Technologies: कंपनी का शुद्ध लाभ साल-दर-साल आधार पर 8% बढ़कर 204.17 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए 11.70 रुपये प्रति शेयर के लाभांश की सिफारिश की है।

3. विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली

बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार हो रही बिकवाली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, केवल 4 मई को ही विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से लगभग 8,035 करोड़ रुपये की भारी निकासी की है। 2026 में अब तक FII की कुल बिक्री 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है, जो बाजार के सेंटिमेंट को कमजोर कर रहा है।

4. कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की चाल

क्रूड ऑयल (Brent Crude) के दाम $116-120 प्रति बैरल के आसपास बने हुए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों और भारतीय रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से घरेलू महंगाई और राजकोषीय घाटे की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे आईटी और बैंकिंग सेक्टर दबाव में नजर आ रहे हैं।

5. निफ्टी और सेंसेक्स के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस

30 अप्रैल को निफ्टी 180 अंक गिरकर 23,997 के करीब बंद हुआ था। सोमवार के लिए ‘वेल्थ व्यू एनालिटिक्स’ के अनुसार प्रमुख लेवल्स इस प्रकार हैं:

  • रेजिस्टेंस लेवल्स: 24,140 | 24,380 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646
  • बाजार की स्थिति: यदि निफ्टी 24,140 के रेजिस्टेंस को पार करने में सफल होता है, तभी बाजार में नई तेजी की उम्मीद की जा सकती है, अन्यथा ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव जारी रह सकता है।